दिवाली से कुछ दिन पहले दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता खराब हो गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने शुक्रवार को अक्षरधाम इलाके में 369 AQI दर्ज किया। यह स्तर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालता है। इंडिया गेट के आसपास वायु गुणवत्ता सूचकांक 220 रहा, जो ‘खराब’ श्रेणी में है। दिल्ली के अलग-अलग क्षेत्रों में प्रदूषण के बढ़ते स्तर ने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों ने सर्दी के मौसम में वायु प्रदूषण के बढ़ने को भी जिम्मेदार बताया है।
अक्षरधाम में आज सुबह दर्ज हुआ 369 का AQI, स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ा
दिल्ली के छह प्रमुख निगरानी केंद्रों ने वायु गुणवत्ता में ‘बहुत खराब’ स्तर दर्ज किया। यह लगातार चौथे दिन है जब वायु गुणवत्ता इस श्रेणी में बनी हुई है। दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 245 था, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। आनंद विहार में सबसे अधिक 359 AQI रिकॉर्ड हुआ, जबकि वजीरपुर में 350 AQI दर्ज किया गया। द्वारका सेक्टर आठ और दिल्ली विश्वविद्यालय नॉर्थ कैंपस में भी प्रदूषण स्तर चिंताजनक बना रहा। यह प्रदूषण बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए विशेष रूप से खतरनाक है।
CPCB ने कहा है कि दिल्ली के 38 निगरानी केंद्रों में से पांच ने हवा की गुणवत्ता को ‘बहुत खराब’ बताया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आगामी दिनों में भी प्रदूषण के उच्च स्तर की संभावना जताई है। सर्दी के मौसम में प्रदूषण बढ़ना आम है क्योंकि तापमान कम होने से धुंध छा जाती है। हवा में जहरीले तत्वों की मौजूदगी से सांस संबंधी बीमारियों के मामले बढ़ सकते हैं। लोगों को बाहर जाने से बचने और मास्क पहनने की सलाह दी जा रही है।
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दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंची
आईएमडी ने शुक्रवार को दिल्ली में मौसम साफ रहने का अनुमान जताया है। न्यूनतम तापमान लगभग 19 डिग्री और अधिकतम 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। हालांकि, वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां जरूरी हैं। प्रदूषण के कारण खासकर सांस लेने में तकलीफ वाले लोग सावधान रहें। स्कूलों और अस्पतालों को प्रदूषण की स्थिति पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। सरकार और प्रशासन प्रदूषण नियंत्रण के उपायों पर तेजी से काम कर रहे हैं।
दिवाली पर पटाखों के जलने से दिल्ली की हवा और भी प्रदूषित हो सकती है। पर्यावरण विशेषज्ञ ग्रीन पटाखों के उपयोग को बढ़ावा दे रहे हैं ताकि प्रदूषण कम किया जा सके। आम जनता को भी पर्यावरण संरक्षण में सहयोग देने का आह्वान किया गया है। दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई अभियान चलाए जा रहे हैं। लोगों को मास्क पहनने, गाड़ी कम चलाने और घर के अंदर रहने की सलाह दी जा रही है। सरकार जल्द ही सख्त नियम लागू कर सकती है।
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