2021 में, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में, एलआरजी रॉयल नेवी का कार्य समूह कम से कम दो युद्धक जहाजों के साथ तैनात था, जिसमें सीआरजी रॉयल नेवी का विमान वाहक युद्धपोत भी शामिल था. इस संदर्भ में, एसा युद्धपोत ने अपनी पहली तैनाती को सफलता से पूरा करने के लिए भारतीय बलों के साथ संयुक्त अभ्यास किया.
हिंद महासागर में युद्धपोत
बुधवार को, ब्रिटेन सरकार ने इस साल के अंत में हिंद महासागर क्षेत्र में रॉयल नेवी के युद्धपोतों को भारतीय सेना के साथ संचालन और प्रशिक्षण के लिए तैनात करने की योजना की घोषणा की. इसे ब्रिटेन-भारत के बीच प्रगाढ़ होते रणनीतिक संबंधों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है. ब्रिटेन के रक्षा मंत्री ग्रांट शाप्स ने बताया कि लिटोरल रिस्पांस ग्रुप (एलआरजी) को इस साल तैनात किया जाएगा और कैरियर स्ट्राइक ग्रुप (सीआरजी) को 2025 में संयुक्त भारत-ब्रिटेन प्रशिक्षण के लिए तैनात किया जाएगा.
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शाप्स ने द्विपक्षीय वार्ता के बाद बुधवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ भारत-ब्रिटेन रक्षा उद्योग सीईओ गोलमेज सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की. ब्रिटेन की ‘‘सबसे उन्नत नौसैनिक क्षमताओं” की तैनाती को ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय (एमओडी) ने भारत के साथ सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने में एक ‘‘निर्णायक कदम” के रूप में उल्लेख किया है.


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