बिहार के रोहतास जिले में दिल्ली-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-19) पर पांच दिनों से भीषण जाम लगा है। इस जाम में हजारों वाहन चालक फंसे हुए हैं और राहत की उम्मीद नहीं दिख रही है। जाम की लंबाई करीब सात किलोमीटर तक पहुंच गई है, जिसमें ट्रक और अन्य वाहन फंसे हैं। सड़क पर गाड़ियों की कतारें इतनी लंबी हैं कि वे एक-दूसरे से सटी हुई नजर आती हैं। वाहन चालक लंबे समय से भूखे-प्यासे और थके हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और एनएचएआई अभी तक इस समस्या को हल करने में विफल हैं। लोग जाम के कारण अपनी मंजिल तक पहुंचने में असमर्थ हैं और उनकी परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।
Also Read : सुप्रीम कोर्ट का नया नियम अब पूरे देश में लागू, आवारा कुत्तों पर बड़ा आदेश
रोहतास-औरंगाबाद NH-19 पर 5 दिनों से जाम, वाहन चालक बेहाल
जाम की स्थिति के कारण रोड पर फंसे वाहन चालक बेहद परेशान हैं और उनका हाल बेहाल है। कई वाहन चालक घंटों से अपनी गाड़ियों में फंसे हुए हैं और उन्हें कोई मदद नहीं मिल रही है। ट्रक चालक संजय ने बताया कि वे दो दिन से इस जाम में फंसे हैं और भूखे-प्यासे हैं। प्रवीण सिंह ने बताया कि उन्होंने केवल 30 घंटों में सात किलोमीटर की दूरी तय की है। स्थानीय प्रशासन और एनएचएआई के अधिकारी इस समस्या को लेकर मौन साधे हुए हैं। वाहन चालकों को टोल टैक्स और रोड टैक्स देने के बाद भी जाम में फंसे रहना पड़ रहा है। उनकी यात्रा मुश्किल और थकान भरी होती जा रही है।
भीषण जाम की वजह से व्यवसायिक गतिविधियों पर भी बुरा असर पड़ा है। कच्चे खाद्य पदार्थ ले जा रहे वाहन चालक जाम के कारण चिंतित हैं। वे अपने सामान के खराब होने से डर रहे हैं, क्योंकि वे समय पर अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच पा रहे। इसके अलावा, आपातकालीन सेवाओं, एंबुलेंस और टूरिस्ट वाहनों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जाम की वजह से लोगों की जान और संपत्ति दोनों को खतरा हो सकता है। स्थानीय प्रशासन और सड़क निर्माण एजेंसियां इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज कर रही हैं। इससे आम जनता की समस्याएं और बढ़ गई हैं।
Also Read : सुप्रीम कोर्ट का नया नियम अब पूरे देश में लागू, आवारा कुत्तों पर बड़ा आदेश
बिहार जाम से प्रभावित व्यवसाय और आपातकालीन सेवाएं, प्रशासन रह गया मौन
राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर जाम अब रोहतास जिले से औरंगाबाद जिले तक फैल गया है। सड़क जाम के कारण गाड़ियां रोजाना केवल पांच किलोमीटर की दूरी तय कर पा रही हैं। पहले 40 किलोमीटर लंबा जाम था, जो अब थोड़ा कम हुआ है लेकिन समस्या बनी हुई है। हजारों वाहन और ट्रक सड़क किनारे खड़े हैं और यातायात ठप पड़ा है। लोगों को इस जाम से राहत पाने की उम्मीद कम होती जा रही है। स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता और एनएचएआई की अनदेखी के कारण जाम कम नहीं हो रहा। यह समस्या यात्रियों के लिए बहुत बड़ा संकट बन गई है।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रंजीत वर्मा से जब इस समस्या पर बात की गई, तो उन्होंने जवाब देने से मना कर दिया। वे लगातार स्थान बदलते रहे और जाम के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। स्थानीय प्रशासन भी इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। वाहन चालक और आम जनता दोनों इस स्थिति से बेहद परेशान हैं। जाम की वजह से यातायात व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई है। सरकार और संबंधित एजेंसियों से उम्मीद है कि वे जल्द इस समस्या का समाधान करें। जनता को जल्द राहत मिलनी चाहिए ताकि यातायात सुचारु हो सके।


More Stories
Rahul Gandhi’s Convoy Cars Collide With Ambulance on UP Expressway
Jio Platforms IPO Sets Global Record With Over 1 Crore Applications
Maharashtra Man Chased, Run Over and Beaten to Death on Busy Road; CCTV Captures Brutal Murder