उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेले के दौरान योग गुरु बाबा रामदेव ने संगम घाट पर स्नान और आरती में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुई बदसलूकी को दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य बताया।
माघ मेले में संगम घाट पर बाबा रामदेव ने कहा कि कोई देश का इस्लामीकरण या ईसाईकरण करने की कोशिश कर सकता है, लेकिन सनातन धर्म के अनुयायियों को आपस में झगड़ना नहीं चाहिए।
बाबा रामदेव ने कहा कि साधु अहंकार से रहित होते हैं और किसी धर्मस्थान या तीर्थ पर विवाद नहीं करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कोई देश का इस्लामीकरण, ईसाईकरण या गजवा-ए-हिंद का प्रयास कर सकता है, लेकिन सनातन धर्म के अनुयायियों को आपस में लड़ना नहीं चाहिए।
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उन्होंने माघ मेले की आध्यात्मिक महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि त्रिवेणी संगम में स्नान और दान ही अपने आप में बड़ा आशीर्वाद है। बाबा रामदेव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के माघ मेले आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह व्यवस्था आध्यात्मिक अनुभव को बढ़ावा देती है। बताया गया है कि 17 जनवरी को माघ अमावस्या के दिन शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्य और पुलिस प्रशासन के बीच झड़प हुई थी, जिसके बाद वे माघ मेले में धरने पर बैठे हैं।


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