रविवार को, पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारी ने हिड़मा के खूंखार नक्सली गांव का निरीक्षण किया। इस दौरान वहां कई चौंकाने वाले दृश्य देखे गए। बटालियन हेडक्वार्टर में, नक्सलियों ने अपनी सुरक्षा की तैयारियों को सख्ती से बढ़ाया था। गांव के सभी दिशाओं में मोर्चे स्थापित किए गए थे, जहां से वे आने-जाने वालों पर नजर रखते थे। शनिवार को, छत्तीसगढ़ के बस्तर में स्थित पूवर्ती गांव में सुरक्षाबलों ने एक नया पुलिस कैंप खोलकर नक्सलियों के सीने में तिरंगा गाड़ दिया। पूवर्ती में इस तरह का कैंप खोलना आजादी के बाद पहली बार हुआ है। इस इलाके में नक्सलियों ने अपनी समानांतर सरकार चलाई है और यहां से सुरक्षाबलों के खिलाफ रणनीति तैयार की जाती थी।
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पूवर्ती में सुरक्षाबलों द्वारा स्थापित कैंप से नक्सलियों के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता
सुरक्षाबल ने नक्सलियों के गढ़ में सुरक्षा कैंप स्थापित करने में सफलता प्राप्त की है। पूवर्ती में 7 कैंप खोले गए हैं, जिससे नक्सलियों का मनोबल कमजोर हो गया है। पूवर्ती में स्थापित कैंप को टेक्निकल हेडक्वार्टर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे सुरक्षाबलों को नक्सली ट्रेनिंग कैंप और विभिन्न गतिविधियों को रोकने में मदद मिलेगी। नक्सली मूवमेंट की खबरों पर त्वरित रिस्पॉन्स देने की क्षमता बढ़ेगी।
सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया है कि माओवादियों के खिलाफ रणनीति बनाने में पूवर्ती कैंप मुख्य केंद्र होगा. बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही आखिरी लड़ाई है. नक्सलियों से अपील है कि वे अपने हथियारों को छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हों. सरकार-प्रशासन खुलकर स्वागत करने के लिए तैयार हैं.
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