देश के करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। दिल्ली में 8वां वेतन को लेकर हाई-लेवल बैठक पूरी हो चुकी है। यह बैठक नेशनल काउंसिल-जेसीएम की ड्राफ्टिंग कमेटी ने की। इसका मुख्य उद्देश्य सरकार को सौंपे जाने वाले ज्ञापन को अंतिम रूप देना था। बैठक करीब दो घंटे चली। इसमें सैलरी, पेंशन और भत्तों के ढांचे पर विस्तार से चर्चा हुई। इसलिए कर्मचारियों में उम्मीद बढ़ गई है। अब सबकी नजर अगले फैसलों पर टिकी है।
8वां वेतन: सैलरी स्ट्रक्चर पर मंथन तेज
बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर पर हुई। कर्मचारी संगठन 3.25 के फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं। अगर यह मान लिया जाता है, तो बेसिक वेतन में बड़ा उछाल आ सकता है। इसके अलावा न्यूनतम वेतन तय करने पर भी बातचीत हुई। महंगाई को देखते हुए सैलरी बढ़ाने की जरूरत बताई गई। वहीं सालाना इंक्रीमेंट को 7% करने की मांग उठी।
भत्तों पर भी विस्तार से विचार हुआ। एचआरए, टीए और मेडिकल अलाउंस में सुधार की बात रखी गई। साथ ही नया वेतन पैटर्न कैसा हो, इस पर सुझाव दिए गए। मकसद यह है कि निचले स्तर के कर्मचारियों को भी बराबर लाभ मिले। इसलिए 8va vetan को संतुलित और व्यावहारिक बनाने की कोशिश की जा रही है।
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प्रतिनिधित्व और OPS पर जोर
मीटिंग में केंद्र शासित प्रदेशों और स्वायत्त संस्थानों के कर्मचारियों का मुद्दा भी उठा। कहा गया कि इन कर्मचारियों को जेसीएम में उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। अक्सर इन तक नियम देर से पहुंचते हैं। इसलिए भेदभाव खत्म करने की मांग की गई।
इसके अलावा पुरानी पेंशन योजना यानी OPS की बहाली फिर चर्चा में रही। कर्मचारी संगठनों ने साफ कहा कि 8वां वेतन के साथ OPS को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। हालांकि अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
अब 10 मार्च को अगली बैठक होगी। उसके बाद संयुक्त ज्ञापन तैयार कर आयोग को सौंपा जाएगा। कुल मिलाकर 8वां वेतन की ये बैठकें आने वाले वर्षों के लिए वेतन और पेंशन की दिशा तय करेंगी। इसलिए कर्मचारियों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।
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