गढ़चिरोली जिले में एटीएम में नकली नोट जमा करने की कोशिश ने बड़े जाली नोट रैकेट का खुलासा कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि नागपुर के माधुरी अपार्टमेंट स्थित किराए के फ्लैट में नकली नोट छापे जा रहे थे। आरोपियों ने फ्लैट के भीतर हाईटेक मशीनों और आधुनिक उपकरणों की मदद से नकली करेंसी तैयार की। पुलिस ने इस मामले में गढ़चिरोली निवासी दो इंजीनियर भाइयों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच में पुलिस को शक है कि आरोपी पिछले चार वर्षों से यह अवैध कारोबार चला रहे थे।
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एटीएम में नकली नोट जमा करने की कोशिश से खुला राज
गढ़चिरोली पुलिस ने 16 मई की रात नागपुर स्थित फ्लैट पर अचानक छापेमारी की कार्रवाई की। पुलिस टीम ने फ्लैट के भीतर नकली नोट छापने का पूरा सेटअप तैयार हालत में बरामद किया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 50, 100 और 200 रुपये की नकली नोटें जब्त कीं। पुलिस ने मौके से हाई क्वालिटी कलर प्रिंटर, बॉन्ड पेपर, पेपर कटर और अन्य सामग्री भी बरामद की। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत लगभग 39 हजार 700 रुपये बताई जा रही है।
पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मयूर लक्ष्मीकांत डोईजड और आदित्य लक्ष्मीकांत डोईजड के रूप में हुई। दोनों आरोपी मूल रूप से गढ़चिरोली जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। मयूर सिविल इंजीनियर है, जबकि उसका छोटा भाई आदित्य मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। पुलिस के अनुसार आरोपी फ्लैट में नकली नोट छापकर उन्हें अलग-अलग माध्यमों से बाजार में खपाते थे। अब पुलिस इस रैकेट के अन्य सदस्यों और सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।
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इंजीनियर भाइयों समेत चार आरोपी गिरफ्तार
पूरे मामले का खुलासा 11 मई को बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एटीएम से शुरू हुई जांच के बाद हुआ। कारगिल चौक स्थित एटीएम में 100 रुपये के 21 नोट जमा करने की कोशिश की गई थी। मशीन ने नोट स्वीकार नहीं किए, जिसके बाद बैंक अधिकारियों ने नोटों की जांच कराई। जांच में सभी नोट नकली पाए गए, जिसके बाद बैंक मैनेजर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। स्थानीय अपराध शाखा ने तुरंत कार्रवाई शुरू करते हुए आरोपियों तक पहुंचने के लिए जांच तेज कर दी।
पुलिस जांच के दौरान प्रमोद टिकाराम कोवे नामक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने बताया कि उसे नकली रकम गढ़चिरोली के पान ठेला संचालक आदित्य रेचनकर से मिली थी। इसी सुराग के आधार पर पुलिस टीम नागपुर पहुंची और फ्लैट पर छापा मारा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अगर एटीएम मशीन नकली नोट स्वीकार कर लेती, तो रैकेट लंबे समय तक चलता रहता। अदालत ने गिरफ्तार आरोपियों को छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
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