केंद्र सरकार ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के औरंगाबाद और उस्मानाबाद शहरों के नाम बदलने की अधिसूचना जारी की।अधिसूचना के अनुसार औरंगाबाद को अब छत्रपति संभाजीनगर और उस्मानाबाद को धाराशिव के नाम से जाना जाएगा। 20 अक्टूबर, 2022 को केंद्र सरकार को पत्र लिखकर नाम बदलने के लिए कहने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने इस बदलाव को मंजूरी दे दी थी। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाम बदलने को संभव बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद दिया।
उद्धव ठाकरे ने भी किया था यह फैसला
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी अपनी सरकार की आखिरी कैबिनेट मीटिंग में यह फैसला लिया था। यह मीटिंग मंत्रालय में हुई थी। उस दौरान दौरान उद्धव ठाकरे के इस फैसले से सहयोगी एनसीपी और कांग्रेस ने अपनी नाराजगी भी जाहिर की थी। कांग्रेस ने नेता और पूर्व राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट ने कहा था कि यह मुद्दा हमारे कॉमन मिनिमम प्रोग्राम में नहीं थी। इसके अलावा कांग्रेस विकास में करने में विश्वास रखती है, नाम बदलने में नहीं।
इस मुद्दे को लेकर बीजेपी समेत एमएनएस और अन्य विपक्षी पार्टियों में भी महाविकास अघाड़ी पर जमकर निशाना साधा था। जब तक ठाकरे ने यह फैसला नहीं लिया था तब तक उन्होंने इस बात के लिए जमकर कोसा गया था। दरअसल नाम बदलने को लेकर दोनों तरफ से जबरदस्त आरोप प्रत्यारोप देखने को मिला था।


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