May 14, 2026

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पीएम मोदी और मुख्यमंत्री की अपील के बाद Fadnavis का बदला अंदाज

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis आज अलग अंदाज में विधान भवन पहुंचे। मुख्यमंत्री भारी सरकारी काफिले की जगह बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर पहुंचे। उनके इस कदम ने राजनीतिक गलियारों और आम जनता के बीच चर्चा बढ़ाई। फडणवीस ने कहा कि सरकार ईंधन बचत और सादगी को बढ़ावा देना चाहती है। उन्होंने बताया कि मंत्रियों के काफिलों में वाहनों की संख्या कम करने के निर्देश जारी हुए। मुख्यमंत्री ने माना कि छोटे कदम भी लोगों के व्यवहार में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी विभागों को पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के निर्देश मिले। अधिकारियों को सरकारी खर्चों में कटौती और बजट नियंत्रण बनाए रखने को भी कहा गया।

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Fadnavis सरकार ने ईंधन बचत के लिए दिए निर्देश

फडणवीस ने कहा कि सरकार अनावश्यक खर्चों को रोकने के लिए लगातार फैसले ले रही है। उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधियों को जनता के सामने जिम्मेदारी और सादगी का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर भी ईंधन बचत के लिए नई रणनीतियां लागू करनी शुरू कीं। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने बताया कि सरकार अगले छह महीनों तक बड़े आयोजन नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि सातारा में तय कार्यक्रम आखिरी बड़ा सरकारी आयोजन माना जाएगा। इसके बाद सरकार किसी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम का आयोजन फिलहाल नहीं करेगी। फडणवीस ने बताया कि सरकार खर्च नियंत्रण और संसाधनों की बचत पर विशेष ध्यान दे रही। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में सादगी और जिम्मेदार प्रशासन बेहद जरूरी बन चुका है।

सरकार ने गैर जरूरी विदेशी दौरों को तुरंत प्रभाव से रद्द करने का फैसला लिया। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक स्तर पर कई विभागों को अतिरिक्त खर्च कम करने के निर्देश मिले। फडणवीस ने कहा कि छोटे प्रयास मिलकर बड़े आर्थिक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार लगातार ऐसे कदम उठा रही है, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके । वहीं कैबिनेट मंत्री Nitesh Rane पैदल चलकर मंत्रालय पहुंचे और सादगी का संदेश दिया। नितेश राणे मंत्रालय के सामने स्थित सरकारी आवास में रहते हैं। उन्होंने अधिकारियों के साथ पैदल चलकर कैबिनेट बैठक में पहुंचने का फैसला लिया। उनके इस निर्णय के कारण आज मंत्रालय के बाहर सरकारी गाड़ियों की संख्या कम दिखाई दी। नेताओं के इन कदमों ने जनता के बीच ईंधन बचत और सादगी का मजबूत संदेश पहुंचाया।

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