उन्होंने कहा,’हर साल देश में पांच लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिसमें 1.50 लाख से ज्यादा जान चली जाती हैं। कंसल्टेंट्स की तैयार की जाने वाली डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट्स में गलतियों ही इसका कारण हैं।’

सड़क हादसों पर की चर्चा:
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने देश में होने वाले सड़क हादसों पर चर्चा की। उन्होंने हर साल होने वाले दुर्घटनाओं का कारण भी बताया। केंद्रीय मंत्री ने नए शुरू होने वाले व्यापार के मामले में राज्य सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेशों में सरकारें अनुमति देने में सक्रिय नहीं हैं। आंकड़े बताते हैं कि हर साल भारत में डेढ़ लाख से ज्यादा लोग सड़क हादसों में जान गंवा देते हैं।
गडकरी ने कहा कि कंसल्टेंट्स की तरफ से तैयार की गईं डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट्स (DPRs) में होने वाली गलतियां सड़क हादसों की मुख्य वजह हैं। उन्होंने कहा, ‘हर साल देश में पांच लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिसमें 1.50 लाख से ज्यादा जान चली जाती हैं। कंसल्टेंट्स की तैयार की जाने वाली डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट्स में गलतियों ही इसका कारण हैं।’ उन्होंने बताया कि डीपीआर बनाने में गुणवत्ता संबंधी बदलावों की जरूरत है, जिसमें ब्लाइंड स्पॉट्स पर खास जोर दिया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि ऐसा क्यों है और इसके क्या कारण हैं।’ उन्होंने राज्य सरकार पर कारोबारों को अनुमति देने में ढिलाई के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के इंडेक्स में रैंकिंग बिगड़ने का यह एक बड़ा कारण है।
उन्होंने कहा, ‘अगर आप आज मुंबई में होटल बनाना चाहते हैं, तो आपको 40-50 एनओसी की जरूरत होती है। प्रधानमंत्री ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की बात पर जोर दे रहे हैं, लेकिन यह राज्य सरकारों के तहत आता है। इसलिए केंद्र का इसमें खास रोल नहीं होता है।’ गडकरी ने बताया कि उन्होंने शहरी विकास विभाग को आर्किटेक्ट्स को प्रोजेक्ट की अनुमति देने की शक्तियां देने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा, ‘अगर प्रोजेक्ट्स नॉर्म्स के अनुसार नहीं हैं तो आर्किटेक्ट्स को काम दोबारा नहीं करने देना चाहिए।’

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