रूस की ओर से यूक्रेन पर किए गए ताबड़तोड़ हमलों को देखते हुए G-7 की बैठक बुलाई गई। इसमें यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने एयर डिफेंस सिस्टम की मांग की। साथ ही उन्होंने G-7 देशों से बेलारूस बॉर्डर मिशन का सपोर्ट करने की भी मांग की।
बैठक में जेलेंस्की ने कहा- रूस के हमले बढ़ते जा रहे हैं। निर्दोष लोगों की जान जा रही है। रूस लोगों के घरों और स्कूलों को निशाना बना रहा है। रूस की इस कार्रवाई को मजबूत तरीके से रोका जाना चाहिए। इसलिए रूस को जवाब देने के लिए हमें तत्काल एयर डिफेंस सिस्टम की जरूरत है।
रूस को मिलेगा बेलारूस का साथ
जेलेंस्की ने कहा- यूक्रेन के मोर्चे पर रूस ने बेलारूस के साथ खुलेआम हाथ मिलाया है। बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशैंको ने हाल ही में कहा कि उनका देश रूस की सेनाओं को अपने यहां बैरक बनाने और अभियान छेड़ने के लिए जमीन प्रदान करेगा। रूस वहां सैन्य बेस बनाएगा। इससे यूक्रेन के लिए खतरा और बढ़ जाएगा।
इसे देखते हुए जेलेंस्की ने G-7 देशों से बेलारूस बॉर्डर मिशन पर फोकस करने की मांग की है। जेलेंस्की ने कहा- बेलारूस बॉर्डर पर एक इंटरनेशनल मॉनिटरिंग मिशन होना चाहिए, जो बेलारूस के साथ लगने वाली यूक्रेनी सीमा की निगरानी करे|
यूक्रेन की मदद करेगा नाटो
यूक्रेन के खिलाफ बेलारूस के रूस को सैन्य मदद के ऐलान से यूरोप में बड़े युद्ध का खतरा पैदा हो गया है। इस बीच, नाटो ने कहा है कि हम इसके लिए तैयार हैं। नाटो महासचिव स्टॉल्टेनबर्ग ने कहा कि यूक्रेन की मदद से पीछे नहीं हटेंगे।
अमेरिका से दूर तक मार करने वाली मिसाइल मांगी
G-7 देशों ने कहा कि वे यूक्रेन के साथ दृढ़ता से खड़े रहेंगे। साथ ही यूक्रेन को सैन्य, वित्तीय, कानूनी और मानवीय मदद देने की बात कही। जेलेंस्की पिछले चार महीने से NASAMS (नेसाम्स) ग्राउंड एयर डिफेंस सिस्टम, लैंड बेस्ट फेलैंक्स वेपन सिस्टम और अमेरिकी सेना की टेक्टिकल लॉन्ग रेंज मिसाइल ATACM की मांग कर रहे हैं। हाल ही में जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से एयर डिफेंस सिस्टम देने की भी मांग की थी। व्हाइट हाउस के बयान के मुताबिक, राष्ट्रपति बाइडेन ने एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम सहित यूक्रेन को रक्षा के लिए हर संभव मदद देने का वादा किया है।
बाइडेन ने जेलेंस्की से फोन पर बात की
10 अक्टूबर को रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव समेत 9 शहरों पर 83 मिसाइलें दागी थीं। इसमें 12 लोग मारे गए थे। इसके बाद अमेरिका राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जेलेंस्की से फोन पर बातचीत की थी। बाइडेन ने कहा था- हम यूक्रेन को सुरक्षा, आर्थिक और मानवीय सहायता प्रदान करना जारी रखेंगे। इसी के साथ अमेरिका और हमारे सहयोगी देश रूस पर प्रतिबंध लगाना जारी रखेंगे। बाइडेन ने रूसी हमले को क्रूर बताया था।
8 अक्टूबर को जंग तेज हुई थी

24 फरवरी को शुरू हुई जंग 8 अक्टूबर को तेज हो गई। इस दिन यूक्रेन ने रूस का कर्च ब्रिज उड़ा दिया था। ये ब्रिज रूस को क्रीमिया से जोड़ता है। इसका बदला लेते हुए रूस ने 48 घंटे बाद 10 अक्टूबर को यूक्रेन पर 83 मिसाइलें दाग दीं थी। इस दौरान यूक्रेन का पारकोवी ब्रिज भी तबाह हो गया था। यह नाइपर नदी पर पैदल यात्रियों के लिए बनाया गया था।


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