तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के बीच कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर तीखी बहस हुई। उदयनिधि ने विजय के उस बयान पर सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने पिछली DMK सरकार से जुड़ी कथित भ्रष्टाचार की फाइलें उचित समय पर सार्वजनिक करने की बात कही थी। उन्होंने मुख्यमंत्री से आरोपों के बजाय संबंधित दस्तावेज सामने रखने की मांग की। उदयनिधि ने कहा कि भ्रष्टाचार के ठोस सबूत मिलने पर सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने फाइलें जारी करने में हो रही देरी पर भी सवाल उठाया।
उदयनिधि ने विजय से फाइलें सार्वजनिक करने को कहा
उदयनिधि स्टालिन ने विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सदन में फिल्मों जैसी डायलॉगबाजी करने के बजाय गंभीर मुद्दों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने विजय से कथित भ्रष्टाचार से जुड़ी फाइलें जल्द सार्वजनिक करने की अपील की। उदयनिधि ने कहा कि यदि सरकार के पास पर्याप्त सबूत हैं, तो उन्हें जनता के सामने रखा जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में आवश्यक कार्रवाई करने की भी मांग की।
फाइलें सार्वजनिक करने में हो रही देरी पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने सवाल किया कि मुख्यमंत्री दस्तावेज सामने लाने में क्यों समय ले रहे हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए पूछा कि क्या विजय तारीख तय करने के लिए अपने ज्योतिषी की सलाह का इंतजार कर रहे हैं। उदयनिधि ने कहा कि विधानसभा में फिल्मी अंदाज के संवादों की जगह तथ्यों और सबूतों पर चर्चा होनी चाहिए। हालांकि, विजय ने सदन में उदयनिधि के सवालों का सीधा जवाब नहीं दिया।
CM Vijay ने ‘सही समय’ पर फाइल खोलने की बात कही थी
विजय ने बुधवार को दावा किया था कि उनके पास तीन सरकारी विभागों में कथित भ्रष्टाचार से संबंधित जानकारी मौजूद है। उन्होंने DMK के पूर्व मंत्रियों और विधायकों को चेतावनी दी थी कि वे उन्हें फाइलें सार्वजनिक करने के लिए मजबूर न करें। मुख्यमंत्री ने कहा था कि वह उचित समय आने पर संबंधित जानकारी लोगों के सामने रखेंगे। उनके इस बयान के बाद राज्य में राजनीतिक बहस तेज हो गई। इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ TVK और विपक्षी DMK के बीच तनाव बढ़ गया।
विधानसभा में दोनों दलों के विधायकों के बीच तीखी बहस भी हुई। सदस्यों ने नारेबाजी की, जिसके कारण कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। इससे पहले 7 अगस्त को भी भ्रष्टाचार के आरोपों, वित्तीय प्रबंधन और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर दोनों पक्षों में बहस हुई थी। ताजा विवाद ने एक बार फिर तमिलनाडु की राजनीति में TVK और DMK के बीच बढ़ती खींचतान को उजागर किया है।


More Stories
Vijay Celebrates World Photography Day by Stepping Behind the Lens
पैलेट गन विवाद को लेकर संसद मार्ग थाने में केस दर्ज, घंटों धरने पर बैठे रहे राहुल गांधी
Teen Threatens Suicide From Maharashtra Hill, Parents Die While Trying To Save Him