TMC तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खुलकर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने ममता बनर्जी को अल्टीमेटम देते हुए अभिषेक बनर्जी और अपने बीच चुनाव करने को कहा। कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें सार्वजनिक रूप से लगातार अपमानित किया है। उनके बयान के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर राजनीतिक तनाव और गुटबाजी की चर्चाएं तेज हो गईं। राजनीतिक विश्लेषक अब पार्टी के भविष्य को लेकर कई संभावनाएं लगातार जता रहे हैं।
कल्याण बनर्जी के अल्टीमेटम से TMC में बढ़ी अंदरूनी कलह
कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी के व्यवहार को घमंडी बताते हुए गंभीर आरोप सार्वजनिक रूप से लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वह अभिषेक बनर्जी का अहंकार अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे आगे भी। वरिष्ठ नेता ने यह भी कहा कि उन्होंने बनर्जी परिवार से जुड़े सभी कानूनी मामले छोड़ दिए। उन्होंने दावा किया कि चार दशक तक पार्टी के साथ रहने बावजूद उन्हें उचित सम्मान नहीं मिला। उनके बयान ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच असमंजस और बेचैनी बढ़ा दी है।
हाल ही में तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खुलकर नाराजगी जाहिर की है। पार्टी के तीन राज्यसभा सांसदों ने इस्तीफा देकर संगठनात्मक संकट को और गंभीर बना दिया है। ताजा घटनाक्रम में राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने भी अपने पद से इस्तीफा दिया। लगातार इस्तीफों के कारण अब राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के केवल दस सांसद शेष बचे हैं। राजनीतिक जानकार इसे पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष का बड़ा संकेत मान रहे हैं।
Also Read : 40 किलो सोने के दावे से सुर्खियों में आईं तबिंदा संपाल कौन हैं?
अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद तृणमूल कांग्रेस में सियासी संकट गहराया
राजनीतिक संकट के बीच कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली में महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित करने का फैसला किया है। नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और प्रदेश अध्यक्षों की बैठक होगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए राजनीतिक हालात पर चर्चा करेंगे। राजनीतिक गलियारों में तृणमूल कांग्रेस के कांग्रेस पार्टी में संभावित विलय को लेकर चर्चाएं तेज हुई हैं। हालांकि दोनों दलों ने अभी तक किसी औपचारिक राजनीतिक समझौते की पुष्टि नहीं की है।
तृणमूल कांग्रेस की मौजूदा स्थिति ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहसें और अस्थिरता बढ़ा दी हैं। भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने पार्टी के अंदरूनी संकट को लेकर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं दी हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ममता बनर्जी को संगठन बचाने के लिए निर्णायक कदम उठाने होंगे। अगर पार्टी नेतृत्व जल्द समाधान नहीं निकालता तो कई और नेता खुलकर असंतोष जाहिर कर सकते हैं। आने वाले दिनों में ममता बनर्जी के फैसले तृणमूल कांग्रेस की दिशा और भविष्य तय करेंगे।


More Stories
Cash Row: Ex-Judge Yashwant Varma Found Guilty by Parliamentary Panel
छात्रों पर पुलिस एक्शन को लेकर घमासान, अमित शाह बोले- ‘पहले सदन में बहस हो, फिर दूंगा हर सवाल का जवाब’; राहुल ने मांगा इस्तीफा
Mumbai Landslide: 7 Dead, 7 Injured; Mayor Announces Compensation for Victims’ Families