राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के लिए अब पुलिस को धमकी दी है। पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए पुणे पुलिस कमिश्नर को एक पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि मस्जिदों से लाउडस्पीकर उतारवाकर उन्हें सड़क पर रखें। मौलानाओं से सहमति पत्र लें। वरना, मनसे थाने के सामने हनुमान चालीसा बजाकर अपना विरोध दर्ज कराएगी।
मनसे ने यह कहा पत्र में
पुणे मनसे की ओर से जारी एक पत्र में कहा गया है, ‘लाउडस्पीकर एक सामाजिक मुद्दा है और हम धार्मिक दरार पैदा नहीं करना चाहते। हम अपनी फैसले पर अडिग हैं। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना इस पत्र के माध्यम से मांग करती है कि पूरे पुणे शहर में लगभग 400 से 450 मस्जिदें हैं। लगभग सभी मस्जिदों पर लाउडस्पीकर लगे हैं, जो अनधिकृत हैं। लाउडस्पीकरों को हटा दिया जाना चाहिए या उन्हें स्थायी रूप से बंद कर दिया जाना चाहिए, ताकि आसपास रहने वाले नागरिकों को इससे निकलने वाली तेज आवाज से परेशानी न हो।’
मनसे ने आगे कहा, ‘हम अजान के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हम सिर्फ यह कहना चाहते हैं कि लाउडस्पीकर से ऐसा नहीं किया जाना चाहिए। इन सभी मस्जिदों के मौलवी से बात करके पुलिस को एक लिखित रिपोर्ट हमें देनी चाहिए। पुलिस को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि इससे कानून-व्यवस्था में गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। रिपोर्ट से यह संदेश जाना चाहिए कि मस्जिदों से लाउडस्पीकरों पर अजान नहीं बजायी जाएगी।’
राज ठाकरे ने भी उठाई थी ऐसी ही मांग
मनसे चीफ राज ठाकरे ने भी एक पत्र के माध्यम से कहा था कि अगर मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटा दिए
जाते हैं, तो धार्मिक या सामाजिक दरार का सवाल ही नहीं पैदा होगा और मौलवी हमारे साथ कानून का पालन
करेंगे।
माहौल खराब करने वाले सफल नहीं हुए: राउत
शिवसेना सांसद संजय राउत ने शनिवार को कहा- ‘महाराष्ट्र में शांति है, कुछ लोग राज्य के हालात बिगाड़ने की कोशिश
कर रहे थे, लेकिन लोगों ने उन्हें करारा जवाब दिया। इसके बारे में एक नीति बनाई जानी चाहिए
‘ राउत ने आगे कहा- ‘महंगाई देश में सबसे बड़ा मुद्दा है, इस पर न तो पीएम और न ही वित्त
मंत्री या राज्य और देश के बीजेपी नेता कुछ बोल रहे हैं। उन्हें बस इस बात की चिंता है
कि पंजाब और महाराष्ट्र की पुलिस क्या कर रही है।’


More Stories
Two Lok Sabha MPs Refuse Salary: Meet the Lawmakers Who Decline Pay
IT कंपनियों पर बढ़ सकते हैं साइबर हमले NASSCOM ने सुरक्षा बढ़ाने की दी सलाह
US-Iran conflict impact: Market turmoil and protests in Parliament