फ्रांस की शान एफिल टॉवर और अमेरिका का सिटी ग्रुप इनकी अपनी मेहनत का नतीजा नहीं, बल्कि इसे कैरेबियाई सागर स्थित देश हैती के आर्थिक शोषण से बनाया गया है। कुछ दस्तावेजों के अनुसार, फ्रांस और अमेरिका ने बारी-बारी से हैती का आर्थिक शोषण कर अपनी संपन्नता बढ़ाई है। हैती फ्रांस का गुलाम था। फ्रांसीसी यहां के अश्वेतों से गन्ने के खेतों में एफिल टॉवर गुलामी करवाकर मुनाफा कमाते थे।
आजादी के लिए हैती के नागरिकों ने विद्रोह किया और नेपोलियन की सेना को हरा दिया। 1804 में इसे शर्त के साथ आजादी मिली। 25 सितंबर 1880 में हैती को डेढ़ लाख करोड़ रुपए देने के लिए कहा गया। हैती लंबे समय तक यह कर्ज चुकाते हुए कंगाल हो गया। इसी पैसों से फ्रांस संपन्न हुआ और एफिल टावर बनाकर खड़ा कर लिया। 300 मजदूरों ने 2 साल 2 महीनें और 5 दिन में इसे बनाया था।
जब हैती कर्ज से उबरा तो फ्रांस ने वहां एक नेशनल बैंक खोल दिया। वहां के लोगों से
पैसा जमा कराकर उन्हीं को कर्ज देना शुरू कर दिया गया। इसने हैती को कर्जदार बना दिया।
अमेरिका ने भी हैती को कंगाल बनाने में भूमिका निभाई
इस तरह से अमेरिका का सिटी ग्रुप हैती के पैसों से ही खड़ा हुआ।
एफिल टॉवर : नेशनल बैंक हैती सरकार से भी हर लेनदेन पर शुल्क लेता था
हैती में क्रेडिट इंडस्ट्रियल ने जो नेशनल बैंक बनाया, वह हैती सरकार के भी हर लेनदेन पर शुल्क लेता था
फ्रांसीसी शेयरधारकों ने इतना पैसा कमाया कि कुछ वर्षों में, उनका लाभ हैती सरकार के बजट से ज्यादा हो गया
आजादी के लिए हैती के नागरिकों ने विद्रोह किया और नेपोलियन की सेना को हरा दिया। 1804 में इसे शर्त
के साथ आजादी मिली। 25 सितंबर 1880 में हैती को डेढ़ लाख करोड़ रुपए देने के लिए कहा गया
हैती लंबे समय तक यह कर्ज चुकाते हुए कंगाल हो गया। इसी पैसों से फ्रांस संपन्न हुआ और एफिल
टावर बनाकर खड़ा कर लिया। 300 मजदूरों ने 2 साल 2 महीनें और 5 दिन में इसे बनाया था


More Stories
Spain Beats France to Reach FIFA World Cup Final, Oyarzabal and Porro Score
EV Battery Suspected Behind Noida Building Fire; 2 Dead, 50 Families Rescued Safely
सेमीकंडक्टर सेक्टर को ऐतिहासिक बढ़ावा, सरकार ने 1.27 लाख करोड़ रुपये के बजट का किया ऐलान