टाटा ग्रुप की दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) 9 अप्रैल को तिमाही नतीजे जारी करेगी। कंपनी ने इसकी पुष्टि की है। Q4 रिजल्ट के साथ फाइनल डिविडेंड पर भी फैसला होगा। यह फैसला वित्त वर्ष 2025-26 के लिए होगा। हालांकि, इस साल शेयरों का प्रदर्शन कमजोर रहा है। 2026 में अब तक करीब 24% की गिरावट आई है। ऐसे में बाजार की नजरें अब नतीजों पर टिकी हैं। निवेशक यह देखना चाहते हैं कि कंपनी भरोसा वापस जीत पाती है या नहीं। साथ ही, यह भी अहम होगा कि गिरावट आगे जारी रहती है या इसमें सुधार आता है।
इसके साथ ही, निवेशक आईटी सेक्टर की मौजूदा चुनौतियों पर भी नजर रखे हुए हैं। इसमें कमजोर डिमांड और वैश्विक अनिश्चितता शामिल हैं। क्लाइंट खर्च में कमी भी एक अहम कारण है। कई बड़ी कंपनियां आईटी बजट को सीमित कर रही हैं। इसका असर सर्विस कंपनियों की ग्रोथ पर पड़ रहा है। ऐसे में Q4 के आंकड़े काफी महत्वपूर्ण होंगे। ये आगे की ग्रोथ दिशा का संकेत दे सकते हैं। इसके अलावा, डिविडेंड का ऐलान भी एक बड़ा फैक्टर रहेगा। इससे निवेशकों को सीधा रिटर्न मिलता है। साथ ही, यह कंपनी की वित्तीय मजबूती भी दिखाता है। यही कारण है कि निवेशक इस पर खास ध्यान दे रहे हैं।
एक्सपर्ट्स की राय और टारगेट प्राइस
वहीं, कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटी के मुताबिक TCS के शेयर फिलहाल कमजोर संकेत दे रहे हैं। रिपोर्ट में शॉर्ट टर्म में सीमित तेजी की संभावना बताई गई है। इस स्टॉक की फेयर वैल्यू 3090 रुपये प्रति शेयर आंकी गई है। यह मौजूदा स्तर से संभावित अपसाइड दर्शाता है। इसके अलावा, बिजनेस टुडे की रिपोर्ट में भी अनुमान दिया गया है। इसके अनुसार चौथी तिमाही में मुनाफा बढ़ सकता है। सालाना आधार पर करीब 7.4% की ग्रोथ संभव है। प्रॉफिट 14,058 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। यह स्थिर प्रदर्शन का संकेत माना जा रहा है।
दूसरी ओर, एचडीएफसी इंस्टीट्यूशनल इक्विटी ने स्टॉक को “Add” रेटिंग दी है। इसने 3000 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। रिपोर्ट में बेहतर ग्रोथ की उम्मीद जताई गई है। प्रॉफिट में करीब 10.7% बढ़त का अनुमान है। यह 13,528 करोड़ रुपये तक रह सकता है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का क्लाइंट बेस मजबूत है। डील पाइपलाइन भी स्थिर बनी हुई है। ये दोनों फैक्टर भविष्य की ग्रोथ को सपोर्ट कर सकते हैं।
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टाटा Q4 शेयर और डिविडेंड अपडेट
हालांकि हालिया गिरावट के बावजूद कुछ सुधार के संकेत मिले हैं। गुरुवार को शेयर 1.80% बढ़कर 2451.65 रुपये पर बंद हुआ। इससे बाजार में हल्की सकारात्मकता देखी गई। पिछले दो हफ्तों में 4.04% की तेजी दर्ज की गई है। इससे संकेत मिलता है कि निचले स्तरों पर खरीदारी हो रही है। फिर भी, एक साल के ट्रेंड पर नजर डालें तो शेयर करीब 30% गिर चुका है। यह लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। कंपनी का 52-वीक हाई 3630 रुपये है। वहीं 52-वीक लो 2346.35 रुपये रहा है। कंपनी का मार्केट कैप 8.87 लाख करोड़ रुपये के आसपास है।
इसके अलावा, इस साल 16 जनवरी को कंपनी एक्स-डिविडेंड हुई थी। उस समय निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिला था। कंपनी ने प्रति शेयर 46 रुपये का स्पेशल डिविडेंड दिया था। साथ ही 11 रुपये का अंतरिम डिविडेंड भी दिया गया था। यह दर्शाता है कि कंपनी निवेशकों को नियमित रिटर्न देने पर फोकस करती है। यही वजह है कि डिविडेंड निवेशकों के बीच इस स्टॉक की मांग बनी रहती है।
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