सीतामढ़ी की रीगा चीनी मिल लंबे अंतराल के बाद फिर से पूरी क्षमता के साथ संचालन में लौट आई है।
फिलहाल, मिल प्रतिदिन लगभग 50 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई कर रही है।
इसके साथ ही, प्रबंधन ने पेराई क्षमता को एक लाख क्विंटल प्रतिदिन तक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है।
ट्रायल सफल रहने के बाद मिल का संचालन अब पूरी तरह सुचारू हो गया है।
अब मिल प्रबंधन पुराने गौरव को दोबारा हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
इस सीजन में मिल ने कुल 40 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य निर्धारित किया है।
आगे चलकर, प्रबंधन इस लक्ष्य को बढ़ाकर 60 लाख क्विंटल करने की योजना बना रहा है।
मिल के दोबारा शुरू होने से क्षेत्र के किसानों में उत्साह और खुशी का माहौल बना हुआ है।
इसलिए, किसानों को समय पर गन्ना पहुंचाने के लिए लगातार सूचित किया जा रहा है।
इस प्रयास का उद्देश्य ‘नो-केन’ जैसी स्थिति से बचना है।
इसके अलावा, इस बार मिल प्रबंधन किसानों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दे रहा है।
मिल गेट पर ही पुर्जा उपलब्ध कराने की व्यवस्था लागू की गई है।
इससे किसानों को अलग-अलग स्थानों पर भटकने की जरूरत नहीं पड़ रही है।
साथ ही, गन्ना तौल प्रक्रिया को पहले से अधिक पारदर्शी बनाया गया है।
कतार में खड़े ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की तौल अब व्यवस्थित तरीके से की जा रही है।
किसानों का कहना है कि मौजूदा प्रबंधन पहले की तुलना में अधिक सहयोगी है।
इसके अतिरिक्त, रात के समय पेयजल और शौचालय की व्यवस्था की गई है।
ठंड से बचाव के लिए अलाव की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
पारदर्शी तौल और साप्ताहिक भुगतान से किसानों का बढ़ा भरोसा
स्थानीय किसानों ने बताया कि इन सुविधाओं से उनकी परेशानियां काफी कम हुई हैं।
उनका मानना है कि ऐसी व्यवस्था जारी रही तो मिल का स्वर्णिम दौर लौट सकता है।
इस बीच, मिल में तकनीकी स्तर पर भी बड़े सुधार किए गए हैं।
नई प्रबंधन टीम ने 80 प्रतिशत से अधिक मशीनों और पुर्जों को बदला है।
नतीजतन, मिल की उत्पादन क्षमता और दक्षता में स्पष्ट सुधार हुआ है।
इसके अलावा, किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्नत किस्म के गन्ना बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मिल प्रबंधन तीन लाख क्विंटल बीज वितरण की योजना पर काम कर रहा है।
इसका भुगतान अगले सीजन के गन्ना भुगतान से समायोजित किया जाएगा।
साथ ही, खाद और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है।
प्रबंधन ने भरोसा दिलाया है कि किसानों को साप्ताहिक भुगतान मिलता रहेगा।
इसके अलावा, पारदर्शी तौल व्यवस्था और बेहतर सुविधाएं जारी रहेंगी।
कुल मिलाकर, रीगा चीनी मिल की वापसी किसानों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है।
Also Read: छोटा बजट, बड़ी जीत! 50 लाख में बनी गुजराती मूवी ने कमाए 100 करोड़+, IMDb पर 8.6 रेटिंग

More Stories
Delhi Heatwave Alert: Why You Feel Drained
पनडुब्बी प्लांट विजिट, जर्मनी से डील लेकर लौटे राजनाथ
ईरान को 3 दिन की मोहलत व्हाइट हाउस बोला- ट्रंप तय करेंगे जंग