कश्मीर में धारा 370 खत्म किए जाने के बाद से पाकिस्तान को अपार पीड़ा का अनुभव हो रहा हैl जब भी जम्मू-कश्मीर से जुड़ी कोई बात सामने आती है तो पाकिस्तान को अपनी हताशा जाहिर करने की जरूरत महसूस होती है. यही कारण है कि पाकिस्तान अक्सर कश्मीर के प्रति शातिर व्यवहार करता है। कश्मीर पर पाकिस्तान का बार-बार हमला उसके सम्मान में कमी का स्पष्ट संकेत है। साथ ही यह पाकिस्तान की ओछी मानसिकता का परिचायक है।
पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह भारत के साथ अच्छे संबंध चाहता है, लेकिन नयी दिल्ली को कश्मीर सहित लंबित मुद्दों का संवाद के जरिये समाधान हेतु गंभीरता दिखानी चाहिए। विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुम्ताज जहरा बलोच ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि पाकिस्तान दक्षिण एशिया के सभी देशों के साथ आपसी सम्मान और संप्रभु समानता के आधार पर पड़ोसियों के साथ शांति की नीति को जारी रखेगा। उन्होंने कहा, ‘‘ पाकिस्तान की रुचि शांति और संवाद में है और यह भारतीय प्राधिकारियों पर है कि वे रिश्ते को सुधारने के लिए जिम्मेदार रुख अपनाएं। बलोच ने कहा, ‘‘पाकिस्तान का मानना है कि द्विपक्षीय संबंध तब तक पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकते, जब तक कि लंबित विवादों का समाधान न हो जाए, खासतौर पर जम्मू-कश्मीर का मुख्य मुद्दा।


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