March 7, 2026

Central Times

Most Trusted News on the go

F-16

ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के 4-5 F-16 ढेर वायुसेना प्रमुख का बड़ा खुलासा

भारतीय वायुसेना प्रमुख ने खुलासा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के कई फाइटर जेट्स को मार गिराया गया। इसमें 4 से 5 अमेरिकी F-16 और चीन निर्मित JF-17 शामिल थे। एयर चीफ के मुताबिक कुछ फाइटर जेट रनवे पर उड़ने की तैयारी में थे, जबकि कुछ पहले से ही हवा में ऑपरेशन में शामिल थे। इस कार्रवाई में पाकिस्तान के कई एयरबेस, रनवे और हैंगर को भी भारी नुकसान पहुंचा। भारत ने सटीक निशाना साधते हुए 10 से 12 पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट को नष्ट किया, जिससे पाकिस्तान की हवाई ताकत को गहरी चोट पहुंची।

Also Read:प्रधानमंत्री पीएम मोदी ने जारी किया डाक टिकट व 100 रुपये का सिक्का :आरएसएस शताब्दी

ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को भारी नुकसान, कई फाइटर जेट और एयरबेस तबाह

वायुसेना प्रमुख ने आगे बताया कि इस ऑपरेशन में केवल फाइटर जेट ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान के अन्य महत्वपूर्ण एयरक्राफ्ट भी निशाने पर आए।(F-16) भारतीय वायुसेना ने एक C-130 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और एक एवाक्स (AWACS) को भी पूरी तरह नष्ट कर दिया। उन्होंने बताया कि कई एयरक्राफ्ट हैंगर के अंदर खड़े थे जिन्हें टारगेट किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के पास सीमापार कार्रवाई करने की क्षमता है, और अगर पाकिस्तान आतंकियों को खैबर पख्तूनख्वा जैसे क्षेत्रों में शिफ्ट करता है, तो भारत वहां तक भी पहुंच सकता है। यह भारत की बढ़ी हुई ऑपरेशनल क्षमता को दर्शाता है।

पाकिस्तान की ओर से यह दावा किया गया कि उन्होंने भारत के 15 फाइटर जेट मार गिराए, जिस पर एयर चीफ ने तंज कसते हुए कहा कि “अगर उन्होंने गिराए हैं, तो कोई सबूत दिखाएं। क्या आपने कोई तस्वीर देखी है?” उन्होंने कहा कि इस तरह के दावे केवल जनता को खुश करने के लिए किए जाते हैं। एयर चीफ ने यह भी कहा कि भारत बिना प्रचार के काम करता है और केवल तथ्यों पर आधारित बयान देता है। उनका कहना था कि मीडिया प्रचार और ग्राउंड रियलिटी में फर्क होता है, और वायुसेना केवल जिम्मेदारी के साथ ही जानकारी साझा करती है।

Also Read : 75वर्ष की उम्र पर संघ प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान, कहा- उम्र पार करने के बाद दूसरो को दें मौका

F-16 एयरफोर्स की रणनीतिक तैयारी: S-400, सुखोई अपग्रेड और LCA Mark 1A पर फोकस

एयर चीफ ने बताया कि S-400 मिसाइल सिस्टम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है, और भविष्य में और यूनिट्स की ज़रूरत है। इसके अलावा सुखोई-30 फाइटर जेट्स को अपग्रेड करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है, जिसमें रूस की मदद ली जा रही है। उन्होंने कहा कि चीन अपनी सैन्य तैयारी बढ़ा रहा है, इसलिए भारत भी नई एयरबेस, टेक्नोलॉजी, और स्वदेशी रक्षा उत्पादन पर जोर दे रहा है। एयर चीफ के अनुसार अगर भारत को सुपरपावर बनना है तो आत्मनिर्भरता जरूरी है। इसलिए DRDO और HAL के साथ साझेदारी और तेज़ी से की जा रही है।

वायुसेना प्रमुख ने कहा कि अगली लड़ाई तकनीक-आधारित होगी और पहले जैसी नहीं होगी। इसलिए LCA Mark 1A का ऑर्डर दिया जा चुका है और इसकी पहली खेप 2028 तक मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमें अपनी ही कंपनियों पर भरोसा करना होगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि भविष्य में सभी सुरक्षा एजेंसियों को मिलकर काम करना होगा और थिएटर कमांड जैसे बदलावों को एकजुट होकर अपनाना होगा। ऑपरेशन सिंदूर ने दिखा दिया है कि भारत की एयर पावर कितनी ताकतवर है और आगे भी जरूरत पड़ी तो वायुसेना तैयार रहेगी।

Also Read : सुप्रीम कोर्ट का नया नियम अब पूरे देश में लागू, आवारा कुत्तों पर बड़ा आदेश