नॉर्थ कोरिया ने शनिवार को एक बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है। साउथ कोरिया के जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ ने बताया कि पूर्वी तट पर सी ऑफ जापान में इस प्रोजेक्टाइल को दागा गया। बीते कई दिनों से नॉर्थ कोरिया की ओर से परमाणु परीक्षण की आशंका जताई जा रही है। परमाणु क्षमता से लैस नॉर्थ कोरिया ने बुधवार को भी बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था।
दागी गई मिसाइल एक सबमरीन लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल (SLBM) है, जो कि शॉर्ट रेंज मिसाइल है। परीक्षण के बाद जापानी डिफेंस मिनिस्ट्री ने अपने कोस्ट गार्ड्स को आगाह किया है। इस साल की ओर से दागा गया यह 15वां हथियार परीक्षण है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद नॉर्थ कोरिया ने मिसाइल परीक्षण जारी रखे हैं।
नॉर्थ कोरिया : साउथ कोरिया को उसी की भाषा में जवाब देंगे
यूं सुक योल 10 मई को साउथ कोरिया के अगले राष्ट्रपति बनने वाले हैं। योल के प्रेसिडेंट बनने से कुछ ही दिन पहले ने परीक्षण कर अपनी मंशा फिर जाहिर कर दी है। इससे पहले के रवैए को देखते हुए योल पहले ही दोनों देशों के बीच सैन्य समझौते को रद्द करने की चेतावनी दे चुके हैं।
इसके अलावा साफ कर दिया है कि साउथ कोरिया दोबारा न्यूक्लियर टेस्टिंग शुरू करेगा। इसके मायने ये हुए
कि नई सरकार को उसी की भाषा में जवाब देने की तैयारी कर रही है। इलेक्शन कैंपेन के दौरान
योल ने कहा था- के हमले से बचाव के लिए हम पहले उस पर अटैक कर सकते हैं।
जापान और साउथ कोरिया को खतरा ज्यादा
नॉर्थ कोरिया पहले ही साफ कर चुका है कि वो एटमी प्रोग्राम बंद नहीं करेगा। उसके हथियारों से पूरी
दुनिया को खतरा है, लेकिन सबसे ज्यादा मुश्किल जापान और साउथ कोरिया को है। ट्रम्प ने जो स्ट्रैटजी नॉर्थ
कोरिया के खिलाफ अपनाई थी, वो ज्यादा बेहतर थी। उस दौर में बातचीत के रास्ते खुले थे, लेकिन अब
ऐसा नहीं है।
अमेरिका चुप बैठा है और किम उसे भड़काने की कोशिश कर रहे है। इस रणनीति के खतरनाक अंजाम हो
सकते हैं। जनवरी में बाइडेन के सत्ता संभालने के पहले ही किम ने मिसाइल टेस्ट करके उन्हें संकेत दे
दिए थे।


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