कर्नाटक के देसी नस्ल के मशहूर ‘मुधोल हाउंड’ डॉग्स को प्रधानमंत्री के विशेष सुरक्षा दस्ते में शामिल हुए हैं. इन कुत्तों में लंबी दूरी तक दौड़ने की क्षमता होती है. ये लगभग 50 किमी / घंटा की गति से दौड़ सकते हैं और 3 किमी की दूरी से किसी भी वस्तु को सूंघ सकते हैं. इनकी लंबाई 72 सेंटीमीटर तक होती है और वजन 20 से 22 किलोग्राम के बीच होता है. मुधोल हाउंड शिकार और रखवाली के काम में माहिर होते हैं. इनका स्टेमिना बहुत अच्छा होता है. ये बिना थके लंबी दूरी तक दौड़ सकते हैं. ब्रीड पहले से ही भारतीय सेना का हिस्सा है. वायुसेना और अन्य सरकारी विभागों में इस्तेमाल काफी पहले से किया जा रहा है.
क्यों खास है यह ब्रीड
कर्नाटक के बागलकोट इलाके में पाई जाने वाली यह ब्रीड देश में अपनी विशेष कार्य शक्ति और शिकारी प्रवृत्ति के लिए जानी जाती है. अमेरिका में इसे कैरावान हाउंड कहा जाता है. वहीं कर्नाटक के कई इलाकों में ये करवानी नाम से प्रचलित है. मुधोल हाउंड को सबसे शिकारी गुण, वफादार और स्वस्थ प्रजाति का माना जाता है.पतले लेकिन ऊंचे कद के मुधोल हाउंड का जबड़ा काफी मजबूत होता है. यह एक बार शिकार को पकड़ ले उसके बाद छोड़ता नहीं है. यह विदेशी नस्ल जर्मन शेफर्ड की तुलना में काफी तेज होता है. कहा जाता है कि जो काम जर्मन शेफर्ड कुत्ते 90 सेकेंड में पूरा करते हैं भारतीय नस्ल के मुधोल हाउंड उस काम को सिर्फ 40 सेकेंड में पूरा कर देते हैं.


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