ईसाई मिशनरियों ने पूर्वांचल के 10 जिलों में धर्म परिवर्तन के तरीके में बदलाव किया है। अब धर्म परिवर्तन करने वालों के सरनेम नहीं बदले जा रहे हैं, ताकि सरकारी दस्तावेजों में कोई दिक्कत न हो और सरकारी योजनाओं का लाभ लगातार मिलता रहे। जौनपुर की एक आशा कार्यकर्ता ने धर्म परिवर्तन कर लिया है और अब वह दूसरों को भी धर्म परिवर्तन कराने के लिए प्रेरित कर रही हैं। वह कहती हैं कि उनकी पहचान वही है, केवल एक लॉकेट पहन लिया है और अब ऑनलाइन चंगाई सभाओं के माध्यम से धर्म परिवर्तन करवा रही हैं। उनका कहना है कि नाम बदलने की कोई जरूरत नहीं, सिर्फ एक नई दिशा में चलना है।
Also Read: श्रेयस अय्यर ने दी हेल्थ अपडेट: चोट से उबरने पर बोले – ‘हर दिन महसूस कर रहा हूं बेहतर’
जौनपुर में पुलिस की सख्ती के कारण लोग अब वाराणसी के भुल्लनपुर क्षेत्र में धर्म परिवर्तन की चंगाई सभा में भाग लेने जाते हैं। पिछले सप्ताह 10-11 लोग टेंपो से वहां पहुंचे थे, जहां 250-300 लोग इकट्ठा हुए थे। इस रविवार को भी लोग वहीं जाएंगे। पहले लोग अपने घरों में इकट्ठा होकर प्रार्थना करते थे, लेकिन पुलिस की सख्ती के चलते अब सभी लोग घर पर ही प्रार्थना कर रहे हैं। सुल्तानपुर के अच्छेलाल के परिवार ने बपतिस्मा ले लिया है और वे अब केवल यीशु को मानते हैं, हालांकि उनके परिवार ने धर्म नहीं बदला। सरकी गांव के रमेश का कहना है कि चंगाई सभा में भाग लेने से उन्हें लाभ मिलता है।
मिशनरी का नया तरीका फर्स्ट जनरेशन को आर्थिक लालच देकर धर्मांतरण
मिशनरी अब फर्स्ट जनरेशन को टारगेट कर रहे हैं, खासकर गरीब और जनजातीय परिवारों के बच्चों को। शादी, शिक्षा और इलाज के नाम पर आर्थिक मदद देकर धीरे-धीरे उनका विश्वास जीतते हैं और फिर धर्मांतरण के लिए प्रेरित करते हैं। एक व्यक्ति का धर्मांतरण कराने पर बिचौलियों को 25-50 हजार रुपये तक मिलते हैं। जौनपुर में इस साल ऐसे चार मामले सामने आए हैं, जिनमें आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
Also Read: योगी की सिवान से हुंकार: बाबर-औरंगजेब की मजारों पर सजदा करने वाले…


More Stories
Nuclear Power Operator to Set Up New Design Unit to Back Private Sector Projects
फर्जी IAS तृप्ति राजपूत पर शिकंजा, ससुराल से मिले ट्रेनिंग अफसर के मोमेंटो और ‘भारत सरकार’ लिखी इनोवा जब्त
Cyber Cell Honours Samay Raina as Comedian Jokes About Latent Controversy With CM