चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की जीत के जुलूस में बवाल हुआ। रविवार रात महू में भारी हिंसा भड़की। सैकड़ों लोगों ने दुकानें और वाहन जला दिए। कई जगह पेट्रोल बम भी फेंके गए। स्थिति संभालने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। हालात बिगड़ने पर सेना को तैनात किया गया। ढाई घंटे बाद स्थिति काबू में आई। सोमवार सुबह प्रमुख बाजार खुले, लेकिन जले हुए इलाके बंद रहे। लोगों में डर बना हुआ है, कई क्षेत्र अभी भी सन्नाटे में हैं। महू में पुलिस तैनात है, आर्मी हर गतिविधि पर नजर रख रही है। इस हिंसा में पांच से छह लोग घायल हुए। कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि हालात काबू में हैं। आरोपियों की पहचान की जा रही है।
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13 गिरफ्तार, पुलिस आरोपियों की पहचान में जुटी
विधायक उषा ठाकुर ने बताया कि 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों की पहचान जारी है। उन्होंने कहा कि हिंसा फैलाने वाले हर व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाएगा। जिन इलाकों में घर और दुकानें जलीं, वहां कोई रैली नहीं हुई थी। लोग सो रहे थे, फिर भी योजनाबद्ध हमला हुआ। महू चंद मिनटों में कैसे जल उठा, यह सोचने वाली बात है। यह सब पहले से प्लान किया गया था। कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।
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इस तरह से बिगड़ते गए हालात…
नारों के बाद भड़की हिंसा
घटना रविवार रात करीब 10 बजे हुई। भारत की जीत के बाद 100 से ज्यादा लोग 40 से अधिक बाइकों पर निकले। जुलूस में शामिल लोग धार्मिक नारे लगा रहे थे। दावा किया जा रहा है कि जुलूस जामा मस्जिद के पास पहुंचा तो विवाद शुरू हो गया। धार्मिक नारे और आतिशबाजी को लेकर बहस छिड़ गई। पीछे चल रहे पांच-छह लोगों को दूसरे पक्ष ने रोक लिया और मारपीट शुरू कर दी।
पांच लोग घायल, कई दुकानें आग के हवाले
झगड़े की खबर मिलते ही आगे चल रहे लोगों ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। इसके बाद दूसरे पक्ष ने भी जवाबी पत्थरबाजी की। देखते ही देखते विवाद और बढ़ गया। बाइक सवार कुछ लोग पत्ती बाजार, कोतवाली और अन्य क्षेत्रों में चले गए। गुस्साए लोगों ने पत्ती बाजार में भी पथराव शुरू कर दिया। यहां घरों और दुकानों के बाहर खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। कई घरों को आग के हवाले कर दिया गया।
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कलेक्टर-डीआईजी सड़कों पर रहे
बवाल बढ़ने पर आसपास के चार थानों की पुलिस महू बुलाई गई। स्थिति संभालने के लिए 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए। कलेक्टर आशीष सिंह और डीआईजी निमिष अग्रवाल रात 1:30 बजे महू पहुंचे। उन्होंने शहर में पैदल घूमकर हालात का जायजा लिया। अधिकारी पूरी रात सड़कों पर गश्त करते रहे।
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हिंसा तेज होने पर आर्मी तैनात करनी पड़ी
हालात बिगड़ने पर आर्मी की 8 सदस्यीय क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) तैनात की गई।
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पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी
पुलिस उपद्रवियों के सीसीटीवी फुटेज तलाश रही है। कई वीडियो में उपद्रवी पत्थरबाजी और आगजनी करते दिख रहे हैं। अब तक किसी पर केस दर्ज या गिरफ्तारी नहीं हुई। आरोपियों की पहचान और तलाश जारी है। मौके पर 10 थानों के 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात हैं।
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कई इलाकों में अब भी डर का माहौल
उपद्रवियों ने पत्ती बाजार, मार्केट चौक, जामा मस्जिद, बतख मोहल्ला और धानमंडी में 12 से ज्यादा बाइकों को आग लगा दी। दो कारों में तोड़फोड़ कर उन्हें भी जला दिया गया। पत्ती बाजार में प्रेस क्लब अध्यक्ष राधेलाल के घर में आग लगा दी गई। बतख मोहल्ले में एक दुकान और मार्केट चौक में दो दुकानों को आग के हवाले किया गया। स्थिति काबू करने के लिए पुलिस ने पत्ती बाजार और माणक चौक में लाठीचार्ज किया। आंसू गैस के गोले छोड़े गए, और रात 1 बजे हालात सामान्य हुए।
सोमवार सुबह भी कई इलाकों में दहशत बनी रही, लोग घरों में ही रहे।
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