उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच बसपा प्रमुख मायावती ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। मायावती ने 21 सितंबर को अपने आधिकारिक X हैंडल पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने सपा के प्रस्तावित ‘PDA रथ’ को लेकर कई सवाल उठाए। मायावती ने दावा किया कि रथ में सपा के पारंपरिक लाल रंग की तुलना में भगवा रंग अधिक दिखाई देता है। उन्होंने इसे सपा की चुनावी रणनीति से जोड़ते हुए अखिलेश यादव की राजनीतिक दिशा पर सवाल उठाया। अखिलेश यादव 24 सितंबर से PDA रथ के जरिए अपने अभियान की शुरुआत करने वाले हैं।
मुस्लिम समाज को लेकर मायावती का दावा
मायावती ने अपने बयान में उत्तर प्रदेश के मुस्लिम समाज का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पिछले चुनावों में मुस्लिम मतदाताओं ने बड़े स्तर पर सपा का समर्थन किया था। मायावती ने कहा कि इसके बावजूद सपा भाजपा को उत्तर प्रदेश और केंद्र में सरकार बनाने से रोक नहीं सकी। इसी आधार पर उन्होंने सवाल उठाया कि मुस्लिम मतदाता बार-बार सपा को वोट क्यों दें। मायावती ने दावा किया कि मुस्लिम समाज अब बसपा की ओर अपना रुख बदल रहा है। उन्होंने इस बदलाव की तुलना ऊंची जातियों में ब्राह्मण समाज के कथित रुख परिवर्तन से की। हालांकि, यह मायावती का राजनीतिक दावा है और इससे पूरे मुस्लिम समाज की वर्तमान चुनावी पसंद स्वतः साबित नहीं होती।
मायावती ने समाजवादी पार्टी के PDA फॉर्मूले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा अलग-अलग समय पर PDA की अलग-अलग व्याख्या करती रही है। मायावती ने ‘पिछड़ा, दलित’ और ‘पंडित’ जैसे संदर्भों का उल्लेख किया। उन्होंने सपा नेताओं के अंबेडकरवादी प्रतीकों और नीले रंग के इस्तेमाल पर भी टिप्पणी की। मायावती ने दावा किया कि जनता ने ऐसे प्रयासों को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने इसके विपरीत बसपा को अंबेडकरवादी विचारधारा वाली पार्टी बताया। मायावती ने कहा कि बसपा ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत पर काम करती है। उन्होंने रोजगार, सामाजिक सम्मान और जनकल्याण को पार्टी की नीतियों से जोड़ा।
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24 सितंबर से PDA रथ अभियान
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव 24 सितंबर को PDA रथ के जरिए अपने अभियान की शुरुआत करेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, वह रायबरेली में हरचंदपुर के विधायक राहुल लोधी के आवास पर जाएंगे। पार्टी ने इस दौरे के लिए एक विशेष मल्टी-एक्सल बस तैयार कराई है। अखिलेश यादव ने हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के बीच PDA को लेकर अपना अभियान आगे बढ़ाया है। इससे पहले उन्होंने रायबरेली में पार्टी कार्यकर्ताओं और विधायक से जुड़े विवाद को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा था। इस बीच मायावती ने PDA रथ और सपा की रणनीति को लेकर अपना हमला तेज कर दिया है। आगामी महीनों में दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है।
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले विभिन्न दलों ने अपनी राजनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं। सपा PDA के जरिए सामाजिक समूहों तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है, जबकि बसपा प्रमुख मायावती लगातार सपा की रणनीति पर सवाल उठा रही हैं। मायावती ने अपने ताजा बयान में मुस्लिम मतदाताओं, PDA फॉर्मूले और अखिलेश यादव के चुनावी अभियान को निशाने पर लिया। दूसरी ओर, अखिलेश यादव अपनी PDA यात्रा के जरिए संगठन और समर्थकों के बीच अभियान को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। आने वाले समय में दोनों दलों के बीच राजनीतिक मुद्दों पर बयानबाजी बढ़ सकती है। चुनावी दावों के बीच मतदाताओं का वास्तविक रुख आगामी चुनाव में ही स्पष्ट होगा।


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