August 13, 2026

Central Times

Most Trusted News on the go

जामसांवली हनुमान लोक में हादसा टला, पीओपी का हिस्सा गिरने से मची अफरा-तफरी

पांढुर्णा जिले के सौंसर स्थित प्रसिद्ध जामसांवली हनुमान मंदिर के हनुमान लोक में मंगलवार दोपहर अचानक पीओपी का एक हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया। यह हिस्सा पंखे के ऊपर लगा हुआ था। घटना के समय मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की मौजूदगी थी, लेकिन संयोग से दो श्रद्धालु मलबे की चपेट में आने से बच गए। पीओपी गिरने के बाद परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। मंदिर समिति ने तत्काल सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित स्थान पर श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी। समिति के अनुसार, जिस हिस्से में पीओपी गिरी, वहां पहले से ही मरम्मत और अन्य जरूरी काम चल रहे थे। घटना के बाद क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

Also read :Air India Delhi-Phuket फ्लाइट विवाद: दूसरे ड्रग टेस्ट में भी पायलट पॉजिटिव, जानें पूरा मामला

कम समय में हिस्सा गिरने पर निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल

जामसांवली हनुमान मंदिर में हनुमान लोक का निर्माण इसी वर्ष मार्च में पूरा हुआ था। निर्माण के कुछ ही महीनों बाद पीओपी का हिस्सा गिरने से इसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने घटना को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि धार्मिक स्थल पर बड़ी संख्या में लोग आते हैं, इसलिए निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। घटना के बाद स्थानीय विधायक विजय चौरे ने भी मामले को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि पीओपी का इस तरह गिरना कई सवाल खड़े करता है। विधायक ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है।

घटना को लेकर मंदिर समिति के सचिव टीकाराम कारोकर ने अलग जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि लगातार बारिश के कारण सभा मंडप के एक डोम में लगी पीओपी का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर नीचे गिर गया। समिति ने निर्माण में किसी तरह की अनियमितता के आरोपों को खारिज किया है। सचिव ने कहा कि कुछ लोग बिना पूरे तथ्यों को जाने घटना को भ्रष्टाचार से जोड़ रहे हैं। उनके अनुसार, संबंधित सभा मंडप नया निर्माण नहीं है और इसकी स्थिति को समझना जरूरी है। उन्होंने बताया कि सभा मंडप करीब दस वर्षों से जीर्ण-शीर्ण अवस्था में था। मंदिर संस्थान ने इस हिस्से के सुधार का निर्णय लिया था। इसी क्रम में वहां जरूरी मरम्मत और रखरखाव का काम कराया जा रहा था।

Also read :टाटा समूह में बड़ा बदलाव: एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से दिया इस्तीफा

शासकीय राशि से नहीं बना था सभा मंडप, निजी खर्च से हुआ जीर्णोद्धार

मंदिर समिति के अनुसार, जिस सभा मंडप में पीओपी का हिस्सा गिरा है, उसका निर्माण शासकीय राशि से नहीं हुआ था। समिति ने बताया कि यह मंडप करीब एक दशक से खराब स्थिति में था और लंबे समय से इसके जीर्णोद्धार की जरूरत महसूस की जा रही थी। संस्थान के अध्यक्ष गोपाल शर्मा और प्रबंध कार्यकारिणी सदस्य संदीप मोहोड ने अपने निजी खर्च से इसके जीर्णोद्धार की जिम्मेदारी ली। समिति के मुताबिक, वर्तमान में सभा मंडप की छत की वाटरप्रूफिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान फाल्स सीलिंग में लगी पीओपी का हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ और नीचे गिर गया। समिति ने कहा कि घटना को निर्माण में भ्रष्टाचार से जोड़ना उचित नहीं है। हालांकि, विधायक द्वारा जांच की मांग किए जाने के बाद मामले की वास्तविक स्थिति जांच में सामने आ सकती है।

पीओपी का हिस्सा गिरने के बाद मंदिर प्रबंधन ने प्रभावित क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी है। समिति का कहना है कि यह कदम पूरी तरह एहतियाती तौर पर उठाया गया है, ताकि मरम्मत के दौरान किसी श्रद्धालु को परेशानी या नुकसान न हो। क्षतिग्रस्त पीओपी को हटाने का काम शुरू कर दिया गया है और आवश्यक मरम्मत भी कराई जा रही है। मंदिर समिति के सचिव टीकाराम कारोकर ने बताया कि छत की वाटरप्रूफिंग का काम चल रहा था और इसी दौरान फाल्स सीलिंग का हिस्सा प्रभावित हुआ। उन्होंने दावा किया कि अगले दो दिनों में मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, घटना के बाद निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बीच जांच की मांग भी सामने आई है।

Also read :अमित शाह बोले- विपक्ष तैयार हो तो आज 3 बजे से कल 3 बजे तक संसद में चर्चा होगी