भारत सरकार ने जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।गृह मंत्रालय ने 19 अगस्त 2025 को इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिया।उत्तर प्रदेश सरकार ने 27 जून 2025 को नाम बदलने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था।सरकार ने स्थानीय लोगों की भावनाएं और लंबे समय से चली मांग को ध्यान में रखा।यह फैसला यूपी के शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद शहर को नई पहचान देने के लिए हुआ।
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सभी भाषाओं में प्रकाशित होगा नया नाम, केंद्र ने नाम परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू की
गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि नया नाम सभी भाषाओं में प्रकाशित किया जाएगा।सरकार ने देवनागरी, रोमन और क्षेत्रीय भाषाओं में नाम परिवर्तन का उल्लेख अनिवार्य किया।यह निर्णय जनता के भावनात्मक जुड़ाव को प्रशासनिक प्रक्रिया में शामिल करने का प्रयास है।सरकार ने संबंधित सभी मंत्रालयों और विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए सूचित किया।यह सुनिश्चित करेगा कि सभी दस्तावेजों और मानचित्रों में नया नाम सही रूप से दिखे।उत्तर प्रदेश सरकार को अधिसूचना जारी कर संस्थानों को तुरंत सूचित करने का निर्देश मिला।सरकार को निर्देश मिला कि वह सर्वे ऑफ इंडिया, डाक और रेलवे को सूचित करे।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय सहित सभी संबंधित विभागों को पत्र जारी किया जाएगा।नाम बदलने की प्रक्रिया को सभी स्तरों पर तेजी से लागू किया जाएगा।प्रत्येक विभाग अपने क्षेत्र में आवश्यक बदलाव कर नए नाम का पालन सुनिश्चित करेगागृह मंत्रालय के अवर सचिव कुंदन कुमार ने यह आदेश आधिकारिक रूप से जारी किया।यह आदेश सभी संबंधित विभागों और मंत्रालयों को औपचारिक रूप से भेजा गया है।अब प्रशासनिक दस्तावेज़ों में परशुरामपुरी नाम का उपयोग अनिवार्य रूप से होगा।यह नाम परिवर्तन ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर जनता की लंबे समय की मांग को पूरा किया।
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