केंद्र सरकार ने आखिरकार जयपुर मेट्रो फेज-2 को मंजूरी दे दी, जिससे शहर के लोगों में उत्साह है। लगभग 41 किलोमीटर लंबे इस ड्राइवरलेस मेट्रो प्रोजेक्ट से जयपुर में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और ट्रैफिक जाम में बड़ी कमी आएगी। यह हाई-टेक नेटवर्क सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया, जयपुर एयरपोर्ट, टोंक रोड और एसएमएस अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण इलाकों को जोड़ेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मंजूरी की जानकारी साझा की और इसे जयपुर के शहरी विकास के लिए बड़ा कदम बताया। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस ऐतिहासिक फैसले पर प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया।
चार चरणों में फेज-2 विस्तार
फेज-2 कॉरिडोर प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक उत्तर-दक्षिण दिशा में विकसित होगा। यह प्रोजेक्ट चार चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गौशाला तक 12 किलोमीटर का रूट बनेगा, जिसमें 10 स्टेशन शामिल होंगे। इसके बाद दूसरा चरण सीकर रोड स्थित टोडी मोड़ से अंबाबाड़ी तक बढ़ेगा और फिर शहर के मध्य क्षेत्र तक मेट्रो विस्तार होगा। इस पूरे विस्तार से फेज-1 और फेज-2 का नेटवर्क मिलकर 57 किमी का बड़ा मेट्रो सिस्टम तैयार करेगा, जिसका लाभ आम नागरिकों को मिलेगा।
जयपुर मेट्रो फेज-2 की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ड्राइवरलेस तकनीक का इस्तेमाल होगा। इस मेट्रो को कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (CBTC) सिस्टम से ऑपरेट किया जाएगा, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे सुरक्षित और आधुनिक तकनीक मानी जाती है। मेट्रो कॉरिडोर में 34 एलिवेटेड और 2 अंडरग्राउंड स्टेशन बनाए जाएंगे। सांगानेर और एयरपोर्ट के बीच का हिस्सा भूमिगत रहेगा और बाकी नेटवर्क पूरी तरह एलिवेटेड होगा। इससे एयरपोर्ट और टोंक रोड के जाम में उल्लेखनीय कमी आएगी और शहर में एक निरंतर मेट्रो कनेक्टिविटी बनेगी।
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मेट्रो फेज-2 से शहर विकास
राजस्थान सरकार और केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट को संयुक्त रूप से 50-50 साझेदारी में लागू करेंगी। फेज-2 की कुल लागत 13,037.66 करोड़ रुपये तय की गई है। सरकार ने इस प्रोजेक्ट को सितंबर 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। मेट्रो के विस्तार से यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक सार्वजनिक परिवहन मिलेगा, जिससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी। मेट्रो के बढ़ने से ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और ईंधन की खपत में भी काफी कमी आएगी। इसके साथ ही शहर में रियल एस्टेट, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी।
फेज-2 में कुल 36 हाई-टेक स्टेशन विकसित होंगे, जो पूरे जयपुर को निर्बाध कनेक्टिविटी देंगे। इनमें सांगानेर थाना, एयरपोर्ट, दुर्गापुरा, गांधीनगर रेलवे स्टेशन, एसएमएस स्टेडियम, रामबाग सर्किल, कलेक्ट्रेट, अंबाबाड़ी, पानीपेच, विद्याधर नगर और कई अन्य स्टेशन शामिल होंगे। यह रूट औद्योगिक क्षेत्रों, अस्पतालों, सरकारी दफ्तरों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और भीड़भाड़ वाले इलाकों को सीधे जोड़ेगा।
जयपुर विकास प्राधिकरण ने मेट्रो फेज-2 की डमी डिजाइन भी पेश कर दी है, जिसमें मेट्रो स्टेशनों को राजस्थानी हेरिटेज लुक में दिखाया गया है। यह डिजाइन लोगों को काफी पसंद आई। प्रदर्शनी में मेट्रो स्टेशनों की पार्किंग, सुविधाओं और पूरे कॉरिडोर का भविष्य का स्वरूप दिखाया गया। फिलहाल जयपुर मेट्रो फेज-1 मानसरोवर से बड़ी चौपड़ तक 11.64 किमी तक सफलतापूर्वक चल रही है और प्रतिदिन लगभग 60,000 लोग इसका उपयोग करते हैं। फेज-2 के शुरू होने पर यह संख्या कई गुना बढ़ेगी और जयपुर का मेट्रो नेटवर्क एक आधुनिक, स्मार्ट और भविष्य के लिए तैयार ट्रांसपोर्ट सिस्टम बन जाएगा।
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