भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो नए साल के अपने पहले मिशन को लेकर पूरी तरह से तैयार है। इस मिशन के तहत पीएसएलवी-सी62 रॉकेट का प्रक्षेपण 12 जनवरी को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से किया जाएगा। यह मिशन इसरो की रणनीतिक और तकनीकी क्षमताओं को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
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इसरो के एक अधिकारी के अनुसार, इस मिशन का मुख्य पेलोड EOS-N1 उपग्रह है, जो अत्याधुनिक इमेजिंग तकनीक से लैस है। यह उपग्रह अनुसंधान और विकास संगठन द्वारा देश की रणनीतिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। EOS-N1 की तैनाती से भारत की निगरानी, सुरक्षा और डेटा एकत्र करने की क्षमताओं में काफी मजबूती आने की संभावना है, जिससे रक्षा और अंतरिक्ष से जुड़े रणनीतिक कार्यों को और प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा।
इसरो लॉन्च लाइव केस्ट्रल और 17 पेलोड शामिल
इस मिशन में रॉकेट के साथ एक छोटा प्रोब डिवाइस, केस्ट्रल इनिशियल डेमोंस्ट्रेटर, भी भेजा जाएगा, जिसे स्पेन स्थित एक स्टार्टअप ने विकसित किया है और यह PS-4 स्टेज से जुड़ा रहेगा। इसके अलावा, भारत, मॉरीशस, लक्जमबर्ग, यूएई, सिंगापुर, यूरोप और अमेरिका के कुल 17 अन्य वाणिज्यिक पेलोड्स भी इस उड़ान का हिस्सा होंगे। इसरो ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी दी है कि आम लोग इस प्रक्षेपण को श्रीहरिकोटा स्थित लॉन्च व्यू गैलरी से देख सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण जरूरी है और दर्शकों को आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या किसी अन्य सरकारी पहचान पत्र के साथ मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी तैयार रखनी होगी, ताकि पंजीकरण प्रक्रिया आसान और त्वरित हो सके।


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