भारत-चीन सीमा पर तनाव के बीच अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों में दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने हैं। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने 22 अक्टूबर को जवानों को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों पर तनावपूर्ण स्थिति अब भी बनी हुई है। कपूर ने चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सैनिकों के सामने मजबूती से डटे रहने के लिए ITBP की नई ‘शौर्य कमांडो’ टीमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन कमांडो ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में शानदार प्रदर्शन किया है।
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हर बटालियन में कमांडो टीम तैनात करने की तैयारी
ITBP प्रमुख ने बताया कि बल ने अपनी प्रत्येक बटालियन में एक कमांडो टीम तैयार कर ली है। अब अधिकारी दो और कमांडो टीमें बनाने पर काम कर रहे हैं। ITBP का लक्ष्य प्रत्येक बटालियन में एक पूर्ण कमांडो कंपनी स्थापित करना है। इसके साथ ही बल एक अलग बटालियन बनाने की योजना भी तैयार कर रहा है, जो विशेष रूप से कमांडो अभियानों को अंजाम देगी। कपूर ने उम्मीद जताई कि ऑपरेशंस विंग अगले एक-दो दिनों में इस योजना का खाका तैयार कर लेगा।
शत्रुजीत सिंह कपूर ने आधुनिक युद्ध में ड्रोन की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ड्रोन ने युद्ध लड़ने के पारंपरिक तरीकों को बदल दिया है और सुरक्षा बलों को नई तकनीक अपनाने की जरूरत है। इसी दिशा में ITBP प्रत्येक प्लाटून में एक ड्रोन यूनिट स्थापित करने की योजना बना रही है। बल अपने स्तर पर ड्रोन का उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ ड्रोन पायलटों को प्रशिक्षण भी दे रहा है। कपूर ने यह भी संकेत दिया कि ITBP जल्द ही एक अलग ‘स्ट्राइक कॉर्प्स’ तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ सकती है।
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रूस-यूक्रेन युद्ध से बदलते सैन्य रणनीति के संकेत
ITBP महानिदेशक ने चीन के सैन्य आधुनिकीकरण और उसकी मीडिया क्षमताओं में किए गए निवेश का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चीन ने पारंपरिक युद्ध के क्षेत्र में काफी प्रगति की है, लेकिन आधुनिक तकनीक छोटे देशों को भी मजबूत चुनौती देने का अवसर प्रदान करती है। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि ड्रोन जैसी तकनीक ने युद्ध के मैदान में शक्ति संतुलन को प्रभावित किया है। उन्होंने यूक्रेन द्वारा रूस को पहुंचाए गए नुकसान को युद्ध के बदलते स्वरूप का उदाहरण बताया। कपूर ने ईरान का भी उल्लेख करते हुए आधुनिक संघर्षों में बदलती रणनीतियों की ओर ध्यान दिलाया।
कपूर के अनुसार, ITBP को वर्ष 2030 तक आधुनिकीकरण के लिए अधिक धन मिलने की उम्मीद है। प्रस्तावित योजना के तहत लगभग 1,000 करोड़ रुपये ड्रोन और एंटी-ड्रोन प्रणालियों के लिए निर्धारित करने की योजना है। बल अपने जवानों की आवाजाही और परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए सभी प्रकार के इलाकों में चलने वाले वाहन, स्वचालित ग्राउंड व्हीकल और क्विक रिएक्शन व्हीकल भी शामिल करेगा। इसके अलावा, ITBP अपने गोला-बारूद और अन्य सैन्य उपकरणों को आधुनिक बनाने पर काम करेगी। भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) को लेकर दोनों पक्षों की अलग-अलग समझ के कारण कई बार सैनिक आमने-सामने आ जाते हैं। सितंबर में कोर कमांडर स्तर की बैठक भी हुई थी, जबकि सीमा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत जारी है।
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