मध्य प्रदेश के गुना जिले में पुलिस ने चक चुरेला गांव में हुई डेढ़ करोड़ रुपये की चोरी का छह दिनों में खुलासा किया। पारदी गिरोह ने पंचायत सचिव पवन मीना के घर को निशाना बनाया था। आरोपियों ने घर से पूरी तिजोरी उखाड़ ली और उसमें रखा कीमती सामान लेकर फरार हो गए। तिजोरी में करीब दो किलोग्राम सोने के आभूषण, तीन किलोग्राम चांदी और 11.50 लाख रुपये नकद थे। इसके अलावा, बदमाशों ने घर से एक मोटरसाइकिल भी चोरी की। हालांकि, पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की और आरोपियों तक पहुंचने के लिए कई टीमें तैनात कीं। इसके बाद पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया और पूछताछ शुरू की। आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने चोरी के सोने को बरामद करने की तैयारी की।
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तिजोरी उखाड़कर ले गए थे बदमाश, सोना-चांदी और नकदी पर किया हाथ साफ
पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने चोरी का सोना बेहद शातिर तरीके से खेत में छिपाया था। आरोपियों ने करीब 985.150 ग्राम सोना बिजली के खंभे के नीचे जमीन में दबा दिया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर खेत में पहुंचकर खुदाई कराई। इसके बाद टीम ने जमीन के अंदर छिपाया गया सोना बरामद कर लिया। बरामद सोने की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये बताई गई है। वहीं, पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए गिरोह की बड़ी साजिश का भी पता लगाया। जांच में पुलिस को करीब 18 से 20 सदस्यों वाले पारदी गिरोह की जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने गिरोह से जुड़े दूसरे आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। साथ ही, पुलिस ने संदिग्धों के पुराने रिकॉर्ड और उनकी गतिविधियों की भी जांच तेज कर दी।
वारदात के बाद पुलिस के सामने आरोपियों तक पहुंचना आसान नहीं था, क्योंकि गांव में आसपास सीसीटीवी कैमरे मौजूद नहीं थे। इसके बावजूद पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच की निगरानी खुद संभाली। इसके बाद अधिकारियों ने सात थानों के करीब 72 पुलिसकर्मियों की संयुक्त टीमें तैयार कीं। फतेहगढ़, कैंट, राघौगढ़ और बमोरी पुलिस के साथ साइबर सेल ने भी जांच में सहयोग किया। वहीं, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाड ने घटनास्थल से मिले सुरागों की जांच की। धीरे-धीरे पुलिस ने धरनावदा थाना क्षेत्र के कनेरा गांव से जुड़े पारदी गिरोह पर ध्यान केंद्रित किया। इसके बाद टीमों ने संदिग्ध ठिकानों पर लगातार दबिश दी। पुलिस की कार्रवाई बढ़ने पर आरोपियों पर दबाव बढ़ा और जांच टीम को महत्वपूर्ण सुराग मिलने लगे।
15 जिलों में पुलिस की दबिश, बिजली के खंभे के नीचे से बरामद हुआ सोना
पुलिस ने जांच के दौरान आरोपियों से लगातार पूछताछ की और चोरी के सामान के बारे में जानकारी जुटाई। पूछताछ के बाद आरोपियों ने खेत में सोना छिपाने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस टीम आरोपियों को लेकर बताए गए स्थान पर पहुंची। पुलिस ने बिजली के खंभे के नीचे जमीन की खुदाई कराई और वहां से सोना बरामद किया। इस कार्रवाई से पुलिस ने चोरी के मामले में बड़ी सफलता हासिल की। साथ ही, टीम ने गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश भी तेज कर दी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरोह ने किन इलाकों में पहले चोरी की घटनाएं कीं। इसके अलावा, अधिकारी गिरफ्तार आरोपियों से गिरोह की पूरी कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से कई अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।
इस पूरी घटना में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से जुड़ा एक पहलू भी चर्चा में है। घटना से करीब एक महीने पहले सिंधिया ने ग्रामीणों को चोरी और डकैती से दूर रहने की शपथ दिलाई थी। इसके बावजूद, कुछ ही समय बाद पारदी गिरोह ने इलाके में बड़ी चोरी को अंजाम दे दिया। हालांकि, पुलिस ने छह दिनों के भीतर मामले को सुलझाकर चोरी का बड़ा हिस्सा बरामद कर लिया। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद गिरोह के अन्य सदस्यों पर शिकंजा कसना शुरू किया। वहीं, जांच टीम ने 15 जिलों में आरोपियों के संभावित ठिकानों पर कार्रवाई की। पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है। साथ ही, अधिकारी चोरी के पूरे नेटवर्क और आरोपियों के पुराने मामलों की जानकारी भी जुटा रहे हैं।
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