फिच रेटिंग्स ने भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 7.4 फीसदी कर दिया है, जो पहले 6.9 फीसदी था। एजेंसी के अनुसार, उपभोक्ता खर्च, व्यावसायिक माहौल में सुधार और जीएसटी सुधारों ने अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ाई है। फिच ने यह भी कहा कि मुद्रास्फीति में कमी के कारण भारतीय रिजर्व बैंक दिसंबर में ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती कर सकता है। हालांकि, मार्च 2026 तक वृद्धि दर में मंदी की संभावना जताई गई है।
Also Read: बीजापुर एनकाउंटर: 6 नक्सली ढेर 2 जवान शहीद
फिच के अनुसार, इस वर्ष भारत की वृद्धि का मुख्य कारण निजी उपभोक्ता खर्च है, जिसे मजबूत वास्तविक आय, बेहतर उपभोक्ता भावना और जीएसटी सुधारों से समर्थन मिला है। अक्टूबर में उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति 0.3 प्रतिशत तक गिर गई, जो खाद्य और पेय पदार्थों की कम कीमतों के कारण है। हालांकि, फिच का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 में जीडीपी वृद्धि दर घटकर 6.4 प्रतिशत रह सकती है, लेकिन 2026-27 के दूसरे हाफ में निजी निवेश में वृद्धि देखने को मिल सकती है।
7.4 फिच की उम्मीद दिसंबर में आरबीआई दरें घटाएगा
मुद्रास्फीति में गिरावट के कारण भारतीय रिजर्व बैंक दिसंबर में नीतिगत दर 5.25 प्रतिशत करने के लिए एक और कटौती कर सकता है। 2025 में अब तक 100 आधार अंकों की कटौती की जा चुकी है, साथ ही नकद आरक्षित अनुपात में भी कई बार कटौती की गई है। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति शुक्रवार को अपनी नीति समीक्षा की घोषणा करेगी। फिच का अनुमान है कि मुद्रास्फीति में सुधार और आर्थिक गतिविधियों के मजबूत बने रहने के साथ, आरबीआई अगले दो वर्षों तक ब्याज दरों को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखेगा।
Also Read: ऋतुराज गायकवाड़ ने रायपुर में ओपनिंग धमाका लगाया वनडे करियर का पहला शतक


More Stories
‘An Exceptional Case’: Supreme Court Gives Relief to Sonam Raghuvanshi
FIFA World Cup: Cristiano Ronaldo breaks silence on retirement rumours sparked by sister
पाकिस्तान में भीषण सड़क हादसा, यात्रियों से भरी बस खाई में गिरी; 40 की जान गई