बिहार की राजधानी पटना में शिक्षक भर्ती को लेकर चल रहे उग्र प्रदर्शन के मद्देनजर अब पटना के जिलाधिकारी ने शहर के तीन इलाकों में धारा 144 लागू कर दिया है। इन इलाकों में गांधी मैदान, जेपी गोलंबर और डाक बंगला चौराहा शामिल हैं। बता दें कि कल राजधानी पटना में शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों द्वारा प्रदर्शन करने पर पुलिसवालों ने जमकर लाठियां भांजीं। दरअसल, बिहार शिक्षक पात्रता परीक्षा कराने और सातवें चरण की शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर पूरे बिहार से राजधानी पटना पहुंचे शिक्षक अभ्यर्थी सोमवार को डाक बंगला चौराहा पर बड़ी संख्या में इकट्ठे होकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने इन अभ्यर्थियों पर लाठी चार्ज किया। पुलिस के बल प्रयोग में कई अभ्यर्थियों को चोटें भी आईं हैं। बिहार पुलिस के इस लाठीचार्ज के कई वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें देखा जा सकता है कि किस बेरहमी से पुलिस ने इन प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों को पीटा है। वहीं, प्रदर्शन के दौरान ADM लॉ एंड ऑर्डर के के सिंह ने भी प्रदर्शनकारियों को जमकर पीटा।
पुलिस की कार्रवाई पर तेजस्वी यादव ने दी सफाई
एडीएम की इस हरकत को लेकर तेजस्वी यादव ने सफाई जारी की है। उन्होंने कहा है कि पटना में लाठीचार्ज प्रदर्शनकारी छात्रों को नियंत्रित करने के लिए किया गया। इसमें एडीएम को भी छात्रों पर लाठी भांजते देखा गया। इस घटना को लेकर इंक्वायरी कमेटी बिठाई गई है। अगर एडीएम दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। तेजस्वी ने आगे कहा कि विद्यार्थियों(STET) से अपील है कि धैर्य रखें। हम काम कर रहे हैं। हमारी लड़ाई रोजगार और नौकरी को लेकर ही रही है। हमने 15 अगस्त को ऐलान किया है कि 10 लाख नौकरी देंगे और उसके अलावा भी रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे और 20 लाख को रोज़गार मिलेंगे।
क्या है मामला?
दरअसल, बिहार में काफी लंबे समय से अभ्यर्थी सातवें चरण की शिक्षक भर्ती की बहाली की मांग कर रहे हैं। प्रारंभिक शिक्षक मोर्चा के बैनर तले 2019 के क्वालीफाई छात्र बीते 21 दिनों से गर्दनीबाग धरनास्थल पर आंदोलन कर रहे हैं। सोमवार को ये सभी अभ्यर्थी डाक बंगला चौराहा पहुंचे थे। यहां पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने इन लोगों को रोक दिया। इससे उग्र हुए छात्र और अभ्यर्थियों ने शिक्षामंत्री और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा किया। जिसके बाद पुलिस ने इन लोगों को वहां से हटाने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। इन अभ्यर्थियों की मांग थी कि अविलंब बहाली प्रक्रिया शुरू की जाए। इसके अलावा ये लोग बीटीईटी परीक्षा कराने की मांग कर रहे है। वहीं, प्राथमिक शिक्षा विभाग अभी परीक्षा कराने से मना कर रहा है।


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