पिछले वर्ष दिसंबर में धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड (DRPP) ने अपना नाम बदलकर नवभारत मेगा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड (NMDPL) रख लिया था।
धारावी पुनर्विकास परियोजना (Dharavi Redevelopment Project) ने 50,000 से अधिक डोर-टू-डोर सर्वेक्षण का रिकॉर्ड पूरा कर लिया है. इसका उद्देश्य एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती को आधुनिक शहरी केंद्र में बदलना है.अदाणी समूह (Adani Group) द्वारा मुंबई के धारावी में तीन अरब डॉलर की लागत से निर्मित विश्व की सबसे बड़ी पुनर्विकास परियोजना को स्थानीय स्तर पर भारी समर्थन मिल रहा है.सर्वेक्षणों की नवीनतम संख्या को मुंबई स्लम पुनर्वास प्राधिकरण (एसआरए) के इतिहास में सबसे अधिक बताया गया है, जो सर्वेक्षण टीमों और धारावी निवासियों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है, जो पुनर्विकास को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं.
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धारावी पुनर्विकास परियोजना: आवास, बुनियादी ढांचे और आर्थिक अवसरों के लिए महत्वपूर्ण कदम
नवीनतम सर्वेक्षण आंकड़ों के अनुसार, 85 हजार मकानों की नंबरिंग का काम पूरा हो चुका है, जबकि 50,000 से अधिक मकानों का घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जा चुका है.लगभग 1.5 लाख मकानों का पुनर्वास किया जाएगा, जिससे धारावी के लोगों की गरिमा को बनाए रखते हुए बेहतर आवास, बुनियादी ढांचे और आर्थिक अवसर सुनिश्चित किए जाएंगे. पिछले वर्ष दिसंबर में धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड (DRPP)ने नाम बदलकर नवभारत मेगा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड (NMDPL) रख लिया, जो कंपनी के आधुनिक, समावेशी और जीवंत समुदाय के निर्माण के वादे के अनुरूप है.
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अन्य झुग्गी पुनर्वास परियोजनाओं के विपरीत, निवासियों को ऊंची झुग्गियों में नहीं रखा जाएगा, बल्कि अच्छी तरह से नियोजित टाउनशिप में रखा जाएगा, जिसमें चौड़ी सड़कें, हरित स्थान और उचित जल और सीवेज प्रणाली जैसी उपयुक्त सुविधाएं होंगी. इन टाउनशिप में मल्टी-मॉडल परिवहन केंद्र होंगे.एनएमडीपीएल एक विशेष प्रयोजन से स्थापित कंपनी (एसपीवी) है, जिसे महाराष्ट्र सरकार और अदाणी समूह के बीच एक संयुक्त उद्यम के रूप में बनाया गया है. नवभारत नाम, जिसका अर्थ है “नया भारत”, इस परियोजना की बेहतर कल को आकार देने की अपार क्षमता को दर्शाता है.
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