एशिया कप के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसआई) ने सोमवार को भारतीय टीम का एलान किया। टीम में जसप्रीत बुमराह नहीं हैं। टीम चयन से कुछ देर पहले यह खबर आई कि जसप्रीत बुमराह एशिया कप में नहीं खेलेंगे। वह चोटिल होने के कारण बाहर हो गए। टीम में तीन तेज गेंदबाजों को ही जगह दी गई है। ऐसे में यह कहा जाने लगा है कि अब हार्दिक पांड्या के ऊपर बोझ बढ़ गया है।

एशिया कप के लिए चुनी गई टीम में भुवनेश्वर कुमार, आवेश खान और अर्शदीप सिंह ही विशुद्ध तेज गेंदबाज हैं। हार्दिक पांड्या ऑलराउंडर हैं और वह बल्लेबाजी के साथ-साथ तेज गेंदबाजी कर लेते हैं। भुवनेश्वर टीम के सबसे अनुभवी गेंदबाज हैं और उनके ऊपर बड़ी जिम्मेदारी होगी। अर्शदीप और आवेश ने हाल ही में डेब्यू किया है। उन्होंने आईपीएल में भले ही शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े टूर्नामेंट का दबाव अलग होता है।
क्रिकेट एक्सपर्ट भी हैरान
सिर्फ तीन तेज गेंदबाजों के चुने जाने पर क्रिकेट पंडितों ने भी हैरानी जताई है। मशहूर कमेंटेटर और पूर्व ओपनर आकाश चोपड़ा ने कहा है कि इस फैसले से वह हैरान हैं। चोपड़ा ने कहा, ”टीम इंडिया में सिर्फ तीन तेज गेंदबाज हैं। यह दुबई है, इस समय स्पिनरों की तुलना में तेज गेंदबाजों को ज्यादा मदद मिलती है। मेरी बस यही चिंता है।”
आकाश का कहना सही भी है कि क्योंकि पिछले टी20 वर्ल्ड कप के दौरान यूएई में तेज गेंदबाजों का जलवा देखने को मिला था। टीम इंडिया के खिलाफ शाहीन अफरीदी ने कहर बरपाया था। वहीं, न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया था। यूएई में आईपीएल के दौरान भी यह देखने को मिला था कि तेज गेंदबाज शुरुआती ओवरों के साथ-साथ अंतिम ओवरों में भी असरदार साबित हो रहे थे।
स्पिन विभाग पर बड़ी जिम्मेदारी
भारतीय चयनकर्ताओं ने टीम में स्पिन गेंदबाजों को ज्यादा जगह दी है। रविचंद्रन अश्विन, युजवेंद्र चहल, रवींद्र जडेजा के साथ रवि बिश्नोई को भी चुना गया है। जडेजा और चहल का खेलना करीब-करीब तय है। अब देखना है कि टीम इंडिया तीसरे स्पिनर के साथ जाती है या नहीं।
पाकिस्तान से पहला मुकाबला
27 अगस्त से शुरू हो रहे इस टूर्नामेंट में भारत का पहला मुकाबला पाकिस्तान से है। इन दोनों टीमों को ग्रुप ए में रखा गया है। ग्रुप ए में कुल तीन टीमें हैं, भारत और पाकिस्तान के अलावा क्लालिफायर राउंड में जीतने वाली टीम इस ग्रुप में जगह बनाएगी। श्रीलंका, अफगानिस्तान और बांग्लादेश को ग्रुप बी में रखा गया है। इस टूर्नामेंट में 27 अगस्त से 11 सितंबर के बीच कुल 13 मैच खेले जाएंगे।
भारत सबसे ज्यादा सात बार चैंपियन बना
भारतीय टीम अब तक टूर्नामेंट के 13 संस्करणों में हिस्सा ले चुकी है और सबसे ज्यादा सात बार चैंपियन बनी है। इसके अलावा टीम तीन बार रनर-अप भी रही। दूसरे स्थान पर श्रीलंका है। श्रीलंकाई टीम पांच बार चैंपियन बनी है और छह बार रनर अप रही है। पाकिस्तान की टीम ने दो बार यह खिताब जीता है और दो बार वह रनर अप रही है। अगले साल फिर से यह टूर्नामेंट वनडे फॉर्मेट में लौट आएगा।


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