CM योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आजादी के लिए बलिदान देने वाले क्रांतिकारियों को इतिहास में उचित सम्मान नहीं मिला। योगी ने आरोप लगाया कि सत्ता के स्वार्थ ने देश का विभाजन कराया और समाज को बांट दिया। उन्होंने कहा कि विभाजन ने करोड़ों लोगों को अपनी मातृभूमि से विस्थापित होने पर मजबूर किया। मुख्यमंत्री ने विभाजन को मानवता के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि स्मृति दिवस केवल अतीत याद करने का अवसर नहीं बल्कि सीखने का माध्यम है। योगी ने पूछा कि विभाजन के लिए जिम्मेदार लोगों को आखिर कितनी सजा मिली।
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विभाजन की त्रासदी पर CM योगी ने कांग्रेस को घेरा
उन्होंने कहा कि भारत आज भी उस ऐतिहासिक फैसले की कीमत लगातार चुका रहा है। CM ने लोगों से इतिहास समझकर भविष्य में ऐसी गलतियां दोहराने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता की रक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विभाजन की सबसे बड़ी कीमत भारत और निर्दोष नागरिकों ने चुकाई। उन्होंने कहा कि विभाजन से पैदा हुई परिस्थितियां आज भी देश को प्रभावित करती हैं। मुख्यमंत्री ने आतंकवाद, नक्सलवाद, माओवाद और उग्रवाद को उसी समस्या से जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों ने लंबे समय तक भारतीय समाज और सुरक्षा को नुकसान पहुंचाया।
योगी ने कांग्रेस पर इतिहास के प्रति ईमानदार रवैया नहीं अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग आज भी देश निर्माण का पूरा श्रेय अपने परिवार को देते हैं। CM ने कहा कि अनेक क्रांतिकारियों ने स्वतंत्रता संघर्ष में अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता हासिल करने वालों ने बाद में संस्थाओं को परिवार के नाम दिए। योगी ने कहा कि देश को ऐसे राजनीतिक दृष्टिकोण से आगे निकलकर राष्ट्रीय हित देखना चाहिए। उन्होंने लोगों से विभाजन की घटनाओं को समझकर राष्ट्रीय एकता मजबूत करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों पर भी कांग्रेस को घेरा। योगी ने कहा कि कानून ने पड़ोसी देशों से आए प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का रास्ता खोला।
CAA और विभाजन के बाद की चुनौतियों पर भी साधा निशाना
उन्होंने बताया कि कानून में हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय शामिल थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने निर्धारित शर्तों के तहत पात्र लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान किया। उन्होंने सवाल किया कि इस कानून में किसी भारतीय की जमीन छीनने का प्रावधान कहां था। योगी ने कहा कि विरोध के दौरान उत्तर प्रदेश के कई शहरों में हिंसा भड़काने के प्रयास हुए। उन्होंने लखनऊ, कानपुर, मेरठ, संभल और अलीगढ़ समेत कई शहरों का नाम लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन ने समय रहते कानून व्यवस्था संभाली और स्थिति बिगड़ने नहीं दी। उन्होंने उत्तर प्रदेश की जनता को सहयोग देने के लिए धन्यवाद भी दिया। योगी ने कहा कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक शांति के मुद्दे पर कठोर रहेगी। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हर वर्ष 14 अगस्त को देशभर में मनाया जाता है।
इस अवसर पर देश 1947 के विभाजन से प्रभावित परिवारों के दर्द और संघर्ष को याद करता है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इतिहास की घटनाओं से वर्तमान पीढ़ी को महत्वपूर्ण सबक मिलते हैं। उन्होंने कहा कि केवल स्मरण करने से विभाजन जैसी समस्याओं का समाधान संभव नहीं है। मुख्यमंत्री ने लोगों से विभाजन के कारणों और परिणामों पर गंभीरता से विचार करने को कहा। उन्होंने कहा कि देश की एकता बनाए रखने के लिए समाज को आपसी मतभेद दूर करने होंगे। योगी ने राष्ट्रीय हित को राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर रखने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को भविष्य में किसी भी विभाजनकारी सोच से सावधान रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता के मूल्यों को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि एकजुट भारत ही अपने नागरिकों के सपनों को साकार कर सकता है।
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