देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने मंगलवार, 27 जनवरी को एक अहम याचिका सुनवाई के लिए आई। इस याचिका में देशभर की स्टेट बार काउंसिलों में SC/ST वकीलों के लिए आरक्षण देने की मांग की गई थी। यह मामला राम कुमार गौतम बनाम भारत संघ से जुड़ा है। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि जब महिला वकीलों को बार काउंसिलों में प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है, तो SC/ST समुदाय को इससे वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
हालांकि, CJI ने जताई नाराज़गी
इस दलील पर CJI जस्टिस सूर्यकांत ने सख्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बार काउंसिल 1961 से अस्तित्व में है, लेकिन अब तक इस तरह की मांग क्यों नहीं उठाई गई। उन्होंने यह भी कहा कि SC/ST समुदाय न्यायपालिका, वकालत और संसद में पहले से मौजूद है। ऐसे में इतने वर्षों बाद अचानक यह मुद्दा उठना समझ से परे है।
Also Read : सुनीता विलियम्स ने गुजरात जाने की इच्छा जताई
वहीं, चुनाव प्रक्रिया बना कारण
इसके अलावा, CJI सूर्यकांत, जस्टिस आर. महादेवन और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने कहा कि यह याचिका स्टेट बार काउंसिल चुनावों की घोषणा के बाद दायर की गई है। इसलिए चल रहे चुनावों के दौरान आरक्षण जैसी मांग पर विचार करना संभव नहीं है। इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने याचिका सुनने से इनकार कर दिया।
इस दौरान मुख्य न्यायाधीश ने यह भी स्पष्ट किया कि महिलाओं के लिए दिया गया प्रावधान आरक्षण नहीं, बल्कि प्रतिनिधित्व है। उन्होंने कहा कि महिला वकीलों ने बीते दो वर्षों से अदालत में लगातार प्रयास किए। आखिरकार उन्हें सफलता मिली। उन्होंने याचिकाकर्ता को सलाह दी कि पहले सक्षम अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखें।
अंत में, CJI ने कहा कि यदि अधिकारियों की ओर से कोई फैसला नहीं होता है, तो अदालत इस पर विचार कर सकती है। गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने स्टेट बार काउंसिलों में महिला वकीलों के लिए 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व अनिवार्य किया था। साथ ही, अदालत ने दिव्यांग वकीलों की भागीदारी बढ़ाने के उपायों का भी समर्थन किया है।
Also Read : दिल्ली में UGC नियमों के खिलाफ प्रदर्शन, बीजेपी में अंदरूनी हलचल, विपक्ष खामोश


More Stories
Spain Beats France to Reach FIFA World Cup Final, Oyarzabal and Porro Score
EV Battery Suspected Behind Noida Building Fire; 2 Dead, 50 Families Rescued Safely
सेमीकंडक्टर सेक्टर को ऐतिहासिक बढ़ावा, सरकार ने 1.27 लाख करोड़ रुपये के बजट का किया ऐलान