प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ में मनी लॉड्रिंग एक मामले में छापेमारी के बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी समीर विश्नोई और दो अन्य लोगों को गुरुवार को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। बीते दिन राज्य में ईडी ने रायपुर, रायगढ़, महासमुंद, कोरबा समेत अन्य जिलों में वरिष्ठ अधिकारियों, कुछ व्यवसायियों और सत्तारूढ़ कांग्रेस के कुछ नेताओं के परिसरों पर छापेमारी की थी।
कारोबारी को हिरासत में लिया
उन्होंने बताया कि संघीय एजेंसी ने राज्य की राजधानी रायपुर से इंद्रमणि समूह के कारोबारी सुनील अग्रवाल और ‘‘फरार’’ कारोबारी सूर्यकांत तिवारी के रिश्तेदार लक्ष्मीकांत तिवारी को सुबह हिरासत में ले लिया। तीनों लोगों को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है और उन्हें एक स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा, जहां ईडी उनकी हिरासत का अनुरोध करेगी।
कई छापे मारने के बाद ये गिरफ्तारियां कीं
एजेंसी ने बुधवार को रायपुर स्थित ‘छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसाइटी’ के सीईओ विश्नोई से पूछताछ की थी। सरकारी अधिकारियों, व्यवसायियों और निजी संस्थाओं के कथित गठजोड़ द्वारा राज्य में ट्रांसपोर्टर से ‘‘अवैध उगाही’’ करने से जुड़े मनी लॉड्रिंग मामले में एजेंसी ने 11 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ में कई छापे मारने के बाद ये गिरफ्तारियां कीं। एजेंसी ने आईएएस अधिकारी एवं रायगढ़ जिलाधिकारी रानू साहू के आवास को भी सील कर दिया था क्योंकि वह छापेमारी के दौरान मिली नहीं थीं। साहू ने एजेंसी को सूचित किया कि उनकी कोई चिकित्सा प्रक्रिया चल रही है और उन्होंने जांच में सहयोग का आश्वासन दिया।
ईडी ने मंगलवार की सुबह की थी छापेमारी
बीते दिन प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ में छापा मारकर लगभग 4 करोड़ रुपए की नकदी और जेवर बरामद किया है। उच्च पदस्थ सूत्रों ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि जब्ती की कार्रवाई सरकारी अधिकारियों और निजी लोगों से की गई है। उन्होंने बताया कि राजगढ़ की जिलाधिकारी रानू साहू के आधिकारिक आवास को केंद्रीय एजेंसी ने सील कर दिया है क्योंकि उनके परिसर की छापेमारी के दौरान वह मौजूद नहीं थीं।
कारोबारी को हिरासत में लिया
उन्होंने बताया कि संघीय एजेंसी ने राज्य की राजधानी रायपुर से इंद्रमणि समूह के कारोबारी सुनील अग्रवाल और ‘‘फरार’’ कारोबारी सूर्यकांत तिवारी के रिश्तेदार लक्ष्मीकांत तिवारी को सुबह हिरासत में ले लिया। तीनों लोगों को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है और उन्हें एक स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा, जहां ईडी उनकी हिरासत का अनुरोध करेगी।
कई छापे मारने के बाद ये गिरफ्तारियां कीं
एजेंसी ने बुधवार को रायपुर स्थित ‘छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसाइटी’ के सीईओ विश्नोई से पूछताछ की थी। सरकारी अधिकारियों, व्यवसायियों और निजी संस्थाओं के कथित गठजोड़ द्वारा राज्य में ट्रांसपोर्टर से ‘‘अवैध उगाही’’ करने से जुड़े मनी लॉड्रिंग मामले में एजेंसी ने 11 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ में कई छापे मारने के बाद ये गिरफ्तारियां कीं। एजेंसी ने आईएएस अधिकारी एवं रायगढ़ जिलाधिकारी रानू साहू के आवास को भी सील कर दिया था क्योंकि वह छापेमारी के दौरान मिली नहीं थीं। साहू ने एजेंसी को सूचित किया कि उनकी कोई चिकित्सा प्रक्रिया चल रही है और उन्होंने जांच में सहयोग का आश्वासन दिया।
ईडी ने मंगलवार की सुबह की थी छापेमारी
बीते दिन प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ में छापा मारकर लगभग 4 करोड़ रुपए की नकदी और जेवर बरामद किया है। उच्च पदस्थ सूत्रों ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि जब्ती की कार्रवाई सरकारी अधिकारियों और निजी लोगों से की गई है। उन्होंने बताया कि राजगढ़ की जिलाधिकारी रानू साहू के आधिकारिक आवास को केंद्रीय एजेंसी ने सील कर दिया है क्योंकि उनके परिसर की छापेमारी के दौरान वह मौजूद नहीं थीं।
4 करोड़ रुपए की नकदी और जेवर बरामद
सूत्रों ने बताया कि ईडी की यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में ट्रांसपोर्टरों से कुछ व्यवसासियों और लोगों द्वारा कथित अवैध कमीशन की मनी लॉड्रिंग की जांच से संबंधित है। उन्होंने बताया कि संघीय एजेंसी ने आयकर विभाग की शिकायत और आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया है। सूत्रों ने बताया कि ईडी ने मंगलवार की सुबह रायपुर, रायगढ़, महासमुंद, कोरबा समेत अन्य जिलों में वरिष्ठ अधिकारियों, कुछ व्यवसायियों और सत्तारूढ़ कांग्रेस के कुछ नेताओं के परिसरों पर छापे की कार्रवाई शुरू की जो बुधवार को भी जारी रही। उन्होंने बताया कि छापेारी के दौरान ईडी ने करीब चार करोड़ रुपए की नकदी और जेवर बरामद किया है।
उन्होंने बताया कि यह धन सरकारी अधिकारियों और निजी संस्थाओं दोनों से बरामदगी की गई है। उन्होंने बताया कि ED ने जिन लोगों के परिसरों पर छापा मारा है, उनमें एक जिलाधिकारी (कलेक्टर) और सरकार के करीबी कुछ वरिष्ठ अधिकारी तथा व्यवसायी सूर्यकांत तिवारी एवं कांग्रेस के नेता तथा छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष अग्नि चंद्राकर समेत अन्य शामिल हैं।


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