सीबीआई ने बुधवार को पटना एम्स के तीन डॉक्टरों को हिरासत में लिया है, जिन्हें नीट यूजी पेपर लीक केस में संलिप्त माना जा रहा है। तीनों के साथ उनके लैपटॉप और मोबाइल भी जब्त किए गए हैं। ये डॉक्टर 2021 बैच के स्टूडेंट्स हैं, और इस केस में पहले ही सीबीआई ने पंकज कुमार और राजू को गिरफ्तार किया था। उनसे मिली जानकारी के आधार पर ये डॉक्टरों की गिरफ्तारी की गई है।
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नीट पेपर लीक केस: संजीव मुखिया की तलाश जारी
बताया जा रहा है कि पंकज कुमार ने ही एनटीए द्वारा भेजे एनटीए के प्रश्न पत्र को चुराया था। इसके बाद इसी पेपर को आगे भेजा गया था। यही पेपर वायरल हुआ था। पंकज मूल रूप से बोकारो का रहने वाला है। वहीं राजू सिंह पंकज का ही साथी है। नेट पेपर लीक केस में इसने भी अहम भूमिका निभाई थी। दोनों की तलाश सीबीआई को काफी दिनों से थी। नीट यूजी पेपरलीक केस में सीबीआई ने अब तक लगभग 57 गिरफ्तारियों के साथ छह एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें से 12 केंद्रीय एजेंसी द्वारा की गईं, जबकि शेष विभिन्न राज्य पुलिस बलों द्वारा की गईं। अब तक 22 लोगों को जमानत मिल चुकी है। सीबीआई ने कुछ दिन पहले ही राकेश उर्फ रॉकी को गिरफ्तार किया थ। अब सीबीआई पेपरलीक केस के मास्टरमाइंड संजीव मुखिया की तलाश कर रही है।
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सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट दायर
बता दें कि इस मामले की सुनवाई 11 जुलाई को होनी थी, लेकिन केंद्र और एनटीए की ओर से लंबित जवाब की वजह से इसे टाल दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट में नीट परीक्षा को लेकर कई याचिकाएं दायर की गई हैं, जिसमे परीक्षा को रद्द करने, इसे दोबारा कराने सहित परीक्षा के दौरान हुई गड़बड़ियों की जांच मांग की गई है। इन याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है। इस मामले में केंद्र और एनटीए दोनों की ओर से एफिडेविट दायर किया गया है।


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