लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख की किताब को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में विरोधाभासी दावे सामने आए हैं। राहुल गांधी ने साफ किया कि वह पूर्व आर्मी चीफ पर भरोसा करते हैं। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आना जरूरी है। यह मुद्दा सार्वजनिक विश्वास से जुड़ा हुआ है।
नई दिल्ली में कांग्रेस नेता ने इस विषय पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पदों पर रहे लोगों की विश्वसनीयता अहम होती है। राहुल गांधी ने प्रकाशन से जुड़े दावों पर असहमति जताई। उनके अनुसार उपलब्ध तथ्यों में मेल नहीं दिखता। इससे भ्रम की स्थिति बन रही है।
Also Read : Jeet Adani unveils coal gasification, MRO growth plans.
प्रकाशक बनाम लेखक विवाद पर राहुल की टिप्पणी
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच पर साझा किए गए एक पोस्ट का भी जिक्र किया। उस पोस्ट में किताब के उपलब्ध होने की जानकारी दी गई थी। उन्होंने कहा कि लेखक की सार्वजनिक घोषणा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इससे प्रकाशक के बयान पर सवाल उठते हैं। यही विरोधाभास विवाद की वजह बना।
उन्होंने कहा कि प्रकाशन संस्था का दावा सामने आए तथ्यों से मेल नहीं खाता। ऑनलाइन मंचों पर किताब की मौजूदगी अलग तस्वीर दिखाती है। राहुल गांधी ने पोस्ट के समय का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यह पोस्ट वर्ष दो हजार तेईस में किया गया था। इससे मामले की गंभीरता बढ़ जाती है।
राहुल गांधी ने कहा कि किताब में की गई कुछ टिप्पणियां विवादित मानी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उनके अनुसार अब स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है। उन्होंने संबंधित पक्षों से जवाब देने की मांग की। सच्चाई सामने आना लोकतंत्र के लिए जरूरी है।
Also Read : शरद पवार की तबीयत अचानक खराब, बारामती से पुणे के अस्पताल में कराया गया भर्ती


More Stories
Rahul Gandhi’s Convoy Cars Collide With Ambulance on UP Expressway
Jio Platforms IPO Sets Global Record With Over 1 Crore Applications
Maharashtra Man Chased, Run Over and Beaten to Death on Busy Road; CCTV Captures Brutal Murder