सूडान के एक सहायता समूह का कहना है कि दारफुर प्रांत में अरबों और गैर-अरबों के बीच कबायली संघर्ष में 168 लोगों की मौत हो गई। इस इलाके में शरणार्थियों के लिए काम करने वाले एडम रीगल का कहना है कि इस लड़ाई में 98 लोग घायल हो गए।
रीगल ने बताया कि लड़ाई की शुरुआत सबसे पहले दारफुर की राजधानी जिनेना से लगभग 30 किलोमीटर क्रिनिक में हुई थी। यहां पर गुरुवार को एक हमलावर ने दो लोगों की हत्या कर दी थी। इसके बाद संघर्ष शुरू हो गया।
सूडान : विद्रोहियों ने हॉस्पिटल पर किया था हमला
इसके बाद जनजावीद नाम के विद्रोही समूह ने रविवार तड़के भारी हथियारों के साथ जिनेना पर हमला कर दिया। जिनेना के पूर्व मेडिकल डायरेक्टर सलाह सालेह का कहना है कि मिलिशिया समूहों ने उस वक्त हमला किया जब घायलों का शहर के मुख्य हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था।
सेना ने पिछले साल किया था तख्तापलट
सूडान में पिछले साल सेना ने तख्तापलट कर दिया था। इसके बाद से देश में आंतरिक कलह काफी बढ़
गई है। हालांकि, तख्तापलट की अगुआई करने वाले नेता जनरल अब्दल फत्ताह अल-बुरहान ने वादा किया है कि जुलाई 2023
में चुनाव होंगे और तब चुनी गई सरकार को सत्ता सौंप दी जाएगी।
राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे सूडान में आर्थिक संकट भी गहराता जा रहा है। पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र के
डिप्लोमैट वोल्कर पर्थेस ने कहा था कि सूडान एक बड़े आर्थिक संकट से इसके बाद जनजावीद नाम के विद्रोही
समूह ने रविवार तड़के भारी हथियारों के साथ जिनेना पर हमला कर दिया। जिनेना के पूर्व मेडिकल डायरेक्टर सलाह
सालेह का कहना है कि मिलिशिया समूहों ने उस वक्त हमला किया जब घायलों का शहर के मुख्य हॉस्पिटल में
इलाज चल रहा था। घिरता जा रहा है। 2021 में तख्तापलट के बाद कामकाजी सरकार के बिना आर्थिक,
मानवीय और सुरक्षा की स्थिति लगातार बिगड़ रही है।


More Stories
Two Lok Sabha MPs Refuse Salary: Meet the Lawmakers Who Decline Pay
IT कंपनियों पर बढ़ सकते हैं साइबर हमले NASSCOM ने सुरक्षा बढ़ाने की दी सलाह
US-Iran conflict impact: Market turmoil and protests in Parliament