भारतीय रेलवे ने हाल ही में ट्रेनों में आग लगने की बढ़ती घटनाओं को लेकर बड़ा खुलासा किया है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि ये घटनाएं केवल तकनीकी खराबी नहीं हो सकतीं। बल्कि, इनके पीछे असामाजिक तत्वों की गहरी साजिश होने की आशंका है। बुधवार को जारी आधिकारिक बयान में रेलवे ने साफ कहा कि शुरुआती जांच में कई संदिग्ध संकेत मिले हैं। इसके अलावा, कुछ सबूत जानबूझकर आग लगाने की कोशिश की ओर इशारा करते हैं। इस खुलासे के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) अन्य एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। वहीं, सभी संबंधित विभागों को अतिरिक्त सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। रेलवे प्रशासन ने बताया कि राजस्थान, बिहार, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश में हुई घटनाओं का पैटर्न काफी मिलता-जुलता है।
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साजिश के संदिग्ध मामले
रेलवे ने खासतौर पर राजस्थान के अमरपुरा और कोटा, बिहार के सासाराम तथा पश्चिम बंगाल के हावड़ा की घटनाओं का जिक्र किया है। इन सभी मामलों में आग लगने की परिस्थितियां सामान्य नहीं पाई गईं। उदाहरण के तौर पर, अमरपुरा में ट्रेन के बेडरोल यानी कंबल और चादरों में आग लगाने की कोशिश की गई थी। वहीं, हावड़ा में जांच के दौरान कोच के बाथरूम से पेट्रोल में भीगा हुआ कपड़ा बरामद हुआ। इस बरामदगी ने साजिश की आशंका को और मजबूत कर दिया। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ऐसी सामग्री का मिलना बेहद गंभीर मामला है। इसके साथ ही यह संकेत देता है कि किसी ने जानबूझकर आग फैलाने की योजना बनाई थी।
इसके अलावा, कोटा में राजधानी एक्सप्रेस के बाथरूम से अचानक धुआं और आग की लपटें उठती दिखाई दीं। इससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। वहीं, बिहार के सासाराम स्टेशन पर खड़ी पैसेंजर ट्रेन के खाली डिब्बे में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा जलती हुई वस्तु फेंके जाने की बात सामने आई। शुरुआत में इस घटना को शॉर्ट सर्किट माना गया था। हालांकि, बाद की जांच में तोड़फोड़ और मानव हस्तक्षेप के संकेत मिले। लगातार अलग-अलग राज्यों में हो रही ऐसी घटनाओं ने रेलवे की चिंता को और बढ़ा दिया है।
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यात्रियों के लिए रेलवे की बड़ी एडवाइजरी
इसी बीच, मध्य प्रदेश के रतलाम में दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस के बी-1 एसी कोच में भीषण आग लग गई। यह घटना सुबह करीब 5:15 बजे हुई। आग विक्रमगढ़ आलोट और लूनी ऋचा स्टेशनों के बीच भड़की। उस समय डिब्बे में 68 यात्री सवार थे। राहत की बात यह रही कि सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, आग इतनी भयावह थी कि काले धुएं का बड़ा गुबार आसमान में फैल गया। इसके साथ ही लपटें रेलवे ट्रैक के किनारे लगे पेड़ों तक पहुंच गईं। इस घटना के कारण कम से कम 18 ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। कई ट्रेनों को बीच रास्ते में रोकना पड़ा।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को विस्तृत जांच की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। फिलहाल, RPF की विशेष टीमें हर मामले की बारीकी से जांच कर रही हैं। उनका उद्देश्य यह पता लगाना है कि रेलवे नेटवर्क को निशाना बनाने के पीछे कौन लोग शामिल हैं। साथ ही, उनका मकसद क्या है, इसकी भी जांच की जा रही है। दूसरी ओर, रेलवे ने यात्रियों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है। रेलवे की एडवाइजरी में कहा गया है कि यदि किसी ट्रेन या स्टेशन पर कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 139 पर सूचना दें। रेलवे का मानना है कि यात्रियों की जागरूकता और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से ही ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।


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