बद्रीनाथ हेलीकॉप्टर हादसे के बाद उत्तराखंड में हवाई सेवाओं की सुरक्षा को लेकर नए नियम लागू किए गए हैं। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने चारधाम क्षेत्र में संचालित चार्टर्ड हेलीकॉप्टर सेवाओं के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। हाल ही में बद्रीनाथ से लौटते समय एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में पायलट समेत छह लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद DGCA ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और नए नियम लागू किए। इन निर्देशों का असर अब निजी हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों की सेवाओं पर दिखाई देने लगा है।
सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर में दो पायलट अनिवार्य
DGCA के नए निर्देशों के अनुसार, सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर से संचालित चार्टर्ड उड़ानों में अब दो पायलट रखना अनिवार्य होगा। पहले इन उड़ानों का संचालन एक पायलट के जरिए होता था। नए नियम से निजी चार्टर कंपनियों की परिचालन लागत बढ़ने की आशंका है। इसी वजह से कई ऑपरेटरों ने विरोध जताते हुए अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। कंपनियों का कहना है कि अतिरिक्त पायलट रखने से खर्च बढ़ेगा। इसका असर हेलीकॉप्टर के किराये पर भी पड़ सकता है। हालांकि, DGCA ने यह कदम हवाई सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से उठाया है।
निजी चार्टर सेवाओं पर रोक का असर केदारनाथ जाने वाले सभी श्रद्धालुओं पर नहीं पड़ा है। केदारघाटी के फाटा, शेरसी और गुप्तकाशी से नियमित शटल हेली सेवाएं पहले की तरह संचालित हो रही हैं। इन स्थानों से केदारनाथ धाम तक पहुंचने में लगभग सात मिनट लगते हैं। इससे दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिली है। फिलहाल इन तीनों सेक्टर से हेलीकॉप्टर लगातार उड़ान भर रहे हैं। ऐसे में नियमित हेली सेवा से यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
सहस्रधारा से चार्टर उड़ानें फिलहाल बंद
नए नियमों का सबसे ज्यादा असर देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड से संचालित चार्टर सेवाओं पर पड़ा है। यहां से केदारनाथ और बद्रीनाथ के लिए लंबी दूरी की हेलीकॉप्टर उड़ानें संचालित होती थीं। निजी ऑपरेटरों के विरोध के चलते फिलहाल इन सेवाओं को रोक दिया गया है। इससे उन यात्रियों की योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जो सीधे चारधाम तक चार्टर हेलीकॉप्टर से पहुंचना चाहते थे। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए शेरसी सेक्टर में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) भी स्थापित किया गया है। यह केंद्र ऑपरेटरों को मौसम की ताजा जानकारी उपलब्ध कराता है।
मौसम अनुकूल रहने पर चारधाम क्षेत्र में रोजाना लगभग 50 से 60 चार्टर हेलीकॉप्टर उड़ानें संचालित होती थीं। हालांकि, नए सुरक्षा नियमों के बाद लंबी दूरी की चार्टर सेवाएं प्रभावित हुई हैं। दूसरी ओर, केदारघाटी से केदारनाथ धाम तक नियमित शटल सेवाएं जारी हैं। शेरसी में स्थापित ATC के जरिए मौसम की निगरानी भी की जा रही है। इससे खराब मौसम के दौरान उड़ानों को लेकर समय पर निर्णय लेने में मदद मिलेगी। फिलहाल निजी ऑपरेटरों का विरोध और DGCA के नए सुरक्षा निर्देश चारधाम की हेली सेवाओं के सामने बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
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