वसंत पंचमी मां सरस्वती को समर्पित पर्व है। पीला रंग खुशी और बुद्धि का प्रतीक माना जाता है।
न्यूरोसाइंस के अनुसार यह दिमाग को सक्रिय करता है और एकाग्रता बढ़ाता है।
इसलिए पढ़ाई के माहौल में हल्का पीला रंग उपयोगी होता है।
वसंत पंचमी पर बच्चे किताबें मां सरस्वती के चरणों में रखकर अच्छे परिणाम की कामना करते हैं।
परीक्षा का समय नजदीक होने के कारण यह दिन छात्रों और अभिभावकों दोनों के लिए अहम हो जाता है।
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कंसंट्रेशन कैसे बढ़ाएं
एक निश्चित दिनचर्या
विशेषज्ञों का मानना है कि पढ़ाई में बच्चों का ध्यान केवल किताबों से नहीं, बल्कि घर के माहौल से भी प्रभावित होता है।
अगर बच्चों से मोबाइल और टीवी से दूरी की उम्मीद की जाती है, तो अभिभावकों को भी खुद ऐसा माहौल बनाना होगा।
डिस्ट्रैक्शन को दूर करें
एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में बच्चे औसतन करीब सात घंटे मोबाइल और इंटरनेट पर समय बिताते हैं।
तनाव, शोर और नकारात्मक वातावरण में बच्चों के लिए पढ़ाई पर ध्यान लगाना मुश्किल हो जाता है।
पहले जहां परीक्षा के दौरान पूरे घर में अनुशासन और शांति रहती थी, वहीं अब यह परंपरा कमजोर होती जा रही है।
विशेषज्ञ कहते हैं कि पढ़ने-लिखने का सकारात्मक माहौल ही मां सरस्वती का वास्तविक आशीर्वाद है।
एकाग्रता बढ़ाने के लिए बच्चों की दिनचर्या तय करना जरूरी है, जिसमें पर्याप्त नींद शामिल हो।
पढ़ाई के समय मोबाइल और अन्य ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूरी रखनी चाहिए।
माइंड गेम्स
पहेलियां, सुडोकू और शतरंज जैसे खेल ध्यान और स्मरण शक्ति बढ़ाने में मदद करते हैं।
बड़े कामों को छोटे हिस्सों में बांटें
बड़े कामों को छोटे हिस्सों में बांटकर करने से बच्चों का आत्मविश्वास और फोकस दोनों बेहतर होता है।


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