सरकार की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए अखिलेश यादव ने तीखे आरोप लगाए। बताया गया कि उनके पूरे काफिले पर आठ लाख रुपये का चालान थोप दिया गया है, जिसे राजनीति से प्रेरित क़दम बताया गया। दावा किया गया कि जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है और सीसीटीवी कैमरे तक बीजेपी के नियंत्रण में होने की आशंका जताई गई। प्रशासन के दुरुपयोग के आरोप के साथ यह भी कहा गया कि सरकार विरोधियों की आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है। चालान भरने को लेकर कोई आपत्ति नहीं दिखाई गई, लेकिन सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए गए। इस कार्रवाई को एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश करार दिया गया।
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अखिलेश यादव: सीएम आवास गंगाजल से धुलवाया, टोंटी चोरी का आरोप नहीं भूलूंगा
मुख्यमंत्री आवास खाली करने के बाद परिसर को गंगाजल से साफ करवाया गया, जिसे अखिलेश यादव ने गहरी बेइज्जती के रूप में देखा। इस पूरी घटना को बीजेपी नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत का नतीजा बताया गया। अवनीश अवस्थी और अभिषेक कौशिक को पूरे प्रकरण का जिम्मेदार ठहराते हुए कहा गया कि सत्ता में लौटने के बाद भाजपा सरकार ने जानबूझकर यह अपमानजनक क़दम उठाया। सवाल उठाया गया कि किसने इस तरह की ‘टोंटी चोरी’ जैसी बचकानी कहानियों को हवा दी? इस आरोप को लोकतंत्र और राजनीति दोनों का मज़ाक बताया गया। ऐसी घटिया राजनीति को निंदनीय बताते हुए स्पष्ट किया गया कि यह सब बीजेपी की रणनीति का हिस्सा था, और यह अपमान अब भी याद है।
चुनाव आयोग की भूमिका को कठघरे में खड़ा करते हुए विपक्ष को धोखा देने का गंभीर आरोप लगाया गया। कहा गया कि आयोग अब स्वतंत्र संस्था न रहकर सत्ताधारी दल का सहयोगी बन चुका है। यह भी दावा किया गया कि बीजेपी को ऐसा तकनीकी कोड दिया जाता है, जिससे वे घर बैठे वोट करा लेते हैं। आयोग को ‘जुगाड़ आयोग’ की संज्ञा दी गई और कहा गया कि उसकी निष्पक्षता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। उदाहरण के तौर पर कुंदरकी क्षेत्र का जिक्र किया गया, जहां 77% वोट बीजेपी को मिलने पर सवाल उठाए गए।
चुनाव आयोग बना जुगाड़ आयोग, बीजेपी को मिल रहा घर बैठे वोटिंग कोड – अखिलेश
सरकार नहीं चाहती कि लोग पढ़-लिखकर सवाल पूछें, इसलिए शिक्षा व्यवस्था को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है। शैक्षणिक संस्थानों को बिना मान्यता संचालित होने दिया जा रहा है, जिससे बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ रहा है। एबीवीपी पर निशाना साधते हुए कहा कि अब उसका मतलब ‘अखिल भारतीय वीडियो ऑफ पिटाई’ बन गया है। देशभर में एबीवीपी के खिलाफ आंदोलन की ज़रूरत बताई गई है। सरकार पर यह भी आरोप लगाया गया कि वह सिर्फ शिक्षा का दिखावा कर रही है और पढ़े-लिखे युवाओं को डराने की साजिश रच रही है।कहा गया कि बीजेपी पहले लोगों का इस्तेमाल करती है और बाद में उन्हें दरकिनार कर देती है। केतकी सिंह पर टिप्पणी करते हुए कहा गया कि अगर अपनी बेटी की चिंता है तो दूसरों की बेटियों की भी करनी चाहिए।
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