तमिलनाडु की राजनीति में चुनाव नतीजों के बाद नया सियासी ड्रामा शुरू हो गया है। AIADMK के एक दर्जन से अधिक नवनिर्वाचित विधायकों को पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में भेजे जाने से पार्टी के भीतर मतभेद की चर्चाएं तेज हो गईं। अटकलें लगाई जा रही थीं कि कुछ विधायक अभिनेता विजय की पार्टी TVK को समर्थन देने के पक्ष में हैं। हालांकि AIADMK ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी में सब कुछ सामान्य है। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि विधायकों को कथित “पोचिंग” से बचाने के लिए रिसॉर्ट भेजा गया था। सूत्रों के अनुसार, AIADMK प्रमुख Edappadi K Palaniswami ने शुरुआत में TVK को समर्थन देने पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया था। इसी चुप्पी के कारण पार्टी के भीतर भ्रम और अटकलें बढ़ीं। बाद में उन्होंने साफ कर दिया कि AIADMK, TVK को समर्थन नहीं देगी।
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पार्टी ने कहा “सब ठीक है”
इसके बाद पार्टी विधायकों ने भी उनके फैसले का समर्थन किया। वहीं वरिष्ठ नेता CV Shanmugam ने कहा कि TVK ने अब तक AIADMK से आधिकारिक समर्थन नहीं मांगा है। राजनीतिक हलचल इसलिए भी बढ़ी क्योंकि विजय की पार्टी TVK ने अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया। पार्टी ने 234 में से 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया, लेकिन बहुमत से कुछ सीटें पीछे रह गई। विजय को सरकार बनाने के लिए अभी और विधायकों के समर्थन की जरूरत है। कांग्रेस पहले ही अपने पांच विधायकों के समर्थन की घोषणा कर चुकी है। इसके अलावा TVK ने वाम दलों और VCK से भी बातचीत शुरू की है।
हालांकि TVK सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि विजय AIADMK से समर्थन लेने के इच्छुक नहीं हैं। पार्टी का मानना है कि AIADMK के साथ किसी समझौते से भाजपा का प्रभाव बढ़ सकता है। दूसरी ओर, राज्यपाल CP Radhakrishnan ने विजय से समर्थन देने वाले 118 विधायकों की सूची मांगी है। इसी कारण सरकार गठन की प्रक्रिया फिलहाल रुकी हुई है। तमिलनाडु में अब सभी की नजरें अगले राजनीतिक कदम पर टिकी हैं।
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