अरबपति गौतम अडानी के नेतृत्व वाले अडानी समूह की बंदरगाह कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड(एपीएसईजेड) ने सोमवार को बताया कि राष्ट्रीय कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) अहदाबाद और एनसीएलटी हैदराबाद से उसे आंध्र प्रदेश के गंगावरम बंदरगाह लिमिटेड(जीपीएल) की 58.1 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने की मंजूरी मिल गयी है। दरअसल, आइनॉक्स विंड की इकाई आइनॉक्स ग्रीन एनर्जी सर्विसेज ने तीन विशेष इकाइयों (एसपीवी) में अपनी समूची इक्विटी हिस्सेदारी अडाणी ग्रीन एनर्जी को बेच दी है। आइनॉक्स विंड ने बीएसई को भेजी सूचना में कहा कि अपनी अनुषंगी इकाई आइनॉक्स ग्रीन एनर्जी सर्विसेज लि.(आईजीईएसएल) के जरिये विंड वन रिनर्जी लि., विंड थ्री रिनर्जी लि.और विंड फाइव रिनर्जी लि. में अपनी इक्विटी हिस्सेदारी अडाणी ग्रीन एनर्जी को बेच दी है।
आइनॉक्स ग्रीन एनर्जी ने तीन इकाइयों में समूची हिस्सेदारी अडाणी ग्रीन एनर्जी को बेची

सूचना में कहा गया है कि इन विशेष इकाइयों ने सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लि.(एसईसीआई-1) के पहले चरण के तहत गुजरात के दयापार में हासिल 250 मेगावॉट की परियोजना में से 50-50 मेगावॉट को चालू किया है। आईजीईएसएल इन परियोजनाओं के लिए दीर्घावधि की परिचालन और रखरखाव सेवाएं उपलब्ध कराएगी।
भारत की सबसे बड़ी परिवहन सुविधा कंपनी के रूप में अडानी ग्रुप और भी मजबूत
कंपनी ने कहा है कि इसके साथ जीपीएल एपीएसईजेड की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी बन जाएगी। एपीएसईजेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और पूर्णकालिक निदेशक करन अडानी ने एक बयान में कहा कि यह अधिग्रहण भारत की सबसे बड़ी परिवहन सुविधा कंपनी के रूप में हमारी स्थिति मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मुकाम है, इससे हमें पूर्वी और पश्चिमी तट पर बराबरी के साथ काम करने की स्थिति हासिल होगी।
गंगावरम बंदरगाह पर एपीएसईजेड द्वारा विश्व-स्तरीय लॉजिस्टिक्स सुविधाएं किए जाने के साथ आंध्र प्रदेश में उस बंदरगाह से सालाना 25 करोड़ टन तक माल की ढुलाई की जा सकती है। पूर्वी तट पर इस बंदरगाह से कोयला, लौह, अयस्क, उर्वरक, चूना पत्थर, बॉक्साइट, चीनी, एल्यमिना, इस्पात आदि की ढुलाई होती है और इससे पूर्वी तट से लगे राज्यों और मध्य क्षेत्र के आठ से अधिक राज्यों को सुविधा होती है।
1,954 करोड़ रुपये का सौदा
गौतम अडानी समूह की कंपनी अडानी यह हिस्सा Warburg Pincus समूह की कंपनी विंडी लेकसाइड इनवेस्टमेंट से खरीदेगी। यह सौदा 1,954 करोड़ रुपये का हुआ है और अभी इस पर नियामक की अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है। APSEZ के सीईओ करन अडानी ने बताया, ‘जीपीएल का हिस्सा खरीदना पोर्ट और लॉजिस्टिक नेटवर्क को तैयार करने की हमारी लगातार चल रही रणनीति का हिस्सा है। गौरतलब है कि पिछले महीने ही अडानी ने दिघी पोर्ट को 705 करोड़ रुपये में खरिदा था।

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