हाल के दिनों में मीडिया में आधार कार्ड को लेकर एक रिपोर्ट सामने आई, जिसमें दावा किया गया कि इसके डिज़ाइन में बड़ा बदलाव किया जा सकता है। रिपोर्ट में यह कहा गया कि आने वाले समय में आधार कार्ड को अधिक सुरक्षित और प्राइवेसी-फ्रेंडली बनाने के लिए इसमें मौजूद व्यक्तिगत जानकारी को हटाया जा सकता है। इसके तहत नए आधार कार्ड में नाम, पता और आधार नंबर जैसी डिटेल्स प्रिंट नहीं होंगी, बल्कि केवल एक फोटो और एक एडवांस एन्क्रिप्टेड QR कोड रहेगा। यह भी बताया गया कि यूज़र की पूरी जानकारी केवल आधार ऐप के जरिए QR कोड स्कैन करने पर ही दिखाई देगी, जिससे डेटा को अनधिकृत एक्सेस से बचाया जा सके। इसके अलावा, कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि यह नया डिज़ाइन इस साल के अंत तक लागू किया जा सकता है और पुराने आधार कार्ड धीरे-धीरे बदल दिए जाएंगे।
Also Read : BJP विजय के बाद समर्थकों का उत्साह, Mamata Banerjee आवास के बाहर लगे नारे
आधार पर सरकार की सफाई
इसी बीच, केंद्र सरकार ने इन सभी दावों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए सच्चाई सामने रखी है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा है कि आधार कार्ड के डिज़ाइन में किसी भी तरह का बदलाव करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। मंत्रालय के अनुसार, मीडिया और सोशल मीडिया पर फैल रही इस तरह की खबरें पूरी तरह भ्रामक और निराधार हैं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। साथ ही, मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस तरह की अफवाहें आम जनता में अनावश्यक डर और भ्रम पैदा करती हैं। इसलिए लोगों को चाहिए कि वे बिना पुष्टि के किसी भी जानकारी पर विश्वास न करें। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में किसी प्रकार का बदलाव किया जाता है, तो इसकी आधिकारिक घोषणा संबंधित विभागों द्वारा पारदर्शी तरीके से की जाएगी।
वहीं, सरकार ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक ,विश्वसनीय स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें। यूआई डीएआई और पीआईबी जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए जारी किए गए अपडेट्स को ही सही, प्रमाणिक माना जाना चाहिए। इसके अलावा, लोगों को सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपुष्ट खबरों से दूर रहने की भी सलाह दी गई है, ताकि किसी भी तरह की गलतफहमी से बचा जा सके। अंत में, मीडिया संस्थानों से भी अपील की गई है कि वे ऐसी संवेदनशील जानकारी को प्रकाशित करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें। सही और तथ्यात्मक खबरें ही जनता तक पहुंचाई जानी चाहिए, ताकि समाज में भ्रम की स्थिति पैदा न हो और लोग बिना किसी चिंता के सही जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकें।
Also Read : बंगाल में AIMIM की सियासत नहीं चली, ओवैसी को झटका


More Stories
Delhi: Woman Biker Harassed, Chased by Two Men in Hauz Khas
UAE: शारजाह में भारतीय व्यक्ति की हत्या, कार से 9 टुकड़ों में मिला शव
IIT Bombay Professor Suryanarayana Doolla, Named in Student Suicide Controversy, Sent on Leave