March 6, 2026

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विमान सुरक्षा पर सवाल: 50 प्रतिशत में बार-बार दिक्कत

केंद्र सरकार ने लोकसभा में पेश एक रिपोर्ट में बताया कि पिछले साल एविएशन रेगुलेटर की जांच में करीब 50% विमान में बार-बार खामियां सामने आईं। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि कुछ एयरलाइंस में समस्याएं अपेक्षाकृत ज्यादा रहीं। रिपोर्ट ने देश में हवाई यात्रा की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर ध्यान खींचा है। हालांकि सभी खामियां सीधे सुरक्षा से जुड़ी नहीं पाई गईं।

सरकार के अनुसार, भारत के एविएशन रेगुलेटर ने कुल 754 विमानों का ऑडिट किया, जिनमें से 377 विमानों में बार-बार गड़बड़ियां दर्ज हुईं। यह जांच जनवरी 2025 से 3 फरवरी 2026 के बीच की गई। रिपोर्ट में बताया गया कि इतनी बड़ी संख्या में विमानों में दोहराई जा रही दिक्कतें चिंता का विषय हैं। हालांकि मंत्रालय ने यह भी कहा कि हाल के वर्षों में कुल खामियों की संख्या में गिरावट आई है।

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लोकसभा रिपोर्ट में विमान सुरक्षा पर चिंता

ऑडिट में सबसे ज्यादा समस्याएं एयर इंडिया के विमानों में पाई गईं। जांच किए गए हर चार में से तीन विमानों में बार-बार खामियां सामने आईं। वहीं इंडिगो के हर तीसरे विमान में भी किसी न किसी तरह की दिक्कत दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों एयरलाइंस में सुधार की तत्काल जरूरत है।

सरकार ने स्पष्ट किया कि दर्ज की गई सभी गड़बड़ियां उड़ान सुरक्षा से जुड़ी नहीं थीं। कई खामियां यात्री केबिन से संबंधित थीं, जैसे सीटों का खराब होना, इन-फ्लाइट स्क्रीन का काम न करना या खिड़कियों से जुड़ी समस्याएं। बावजूद इसके, आधे विमानों में लगातार खामियां मिलना सिस्टम की कमजोरी को दिखाता है। यही वजह है कि रेगुलेटर ने निगरानी बढ़ाई है।

विमान जांच रिपोर्ट ने बढ़ाई सुरक्षा चिंता

रिपोर्ट में बताया गया कि पिछले तीन वर्षों में तकनीकी दिक्कतों की कुल संख्या में कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2023 में जहां 448 तकनीकी खामियां सामने आई थीं, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर 353 रह गई। सरकार इसे सकारात्मक संकेत मान रही है। लेकिन बार-बार एक ही विमान में समस्या लौट आना अब भी बड़ी चिंता बना हुआ है।

सरकार ने संसद को बताया कि 2025 में रेगुलेटर ने हजारों सर्विलांस इंस्पेक्शन, रैंप चेक और रेगुलेटरी ऑडिट किए। आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा प्रभावित एयरलाइंस में इंडिगो, एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और स्पाइसजेट शामिल रहीं। मंत्रालय ने कहा कि जिन विमानों में बार-बार खामियां मिल रही हैं, उन पर सख्त कार्रवाई और निगरानी जारी रहेगी।

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