अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद से डोनाल्ड ट्रंप लगातार चौंकाने वाले फैसले ले रहे हैं. अब एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर उन्होंने अमेरिका में ‘स्ट्रेटेजिक बिटकॉइन रिजर्व’ बनाने की घोषणा की है. कभी बिटकॉइन को “स्कैम जैसा” बताने वाले ट्रंप अब इसे पूरी तरह अपना चुके हैं.
क्रिप्टोकरेंसी करेंसी का ही ऐसा कोई रूप है जो डिजिटल है. वह आपके हाथ में नहीं बल्कि वर्चुअली इंटरनेट या कंप्यूटर में मौजूद है. यह लेनदेन को सुरक्षित करने के लिए क्रिप्टोग्राफी का उपयोग करता है.
आप एटीएम से निकाले अपने नोट को वास्तविक दुनिया में इधर-उधर ले जाते हैं न. इसमें ऐसा नहीं हैं. क्रिप्टोकरेंसी में यह सब ऑनलाइन होता है और आपका देनदेन एक डेटाबेस में डिजिटल एंट्री के रूप में मौजूद है. यानी जब आप क्रिप्टोकरेंसी को ट्रांसफर करते हैं, तो लेनदेन एक सार्वजनिक बहीखाता में दर्ज किया जाता है. क्रिप्टोकरेंसी को डिजिटल वॉलेट में स्टोर किया जाता है.बिटकॉइन भी एक तरह की क्रिप्टोकरेंसी है. 2009 में स्थापित, बिटकॉइन पहली क्रिप्टोकरेंसी थी और अभी भी इसका सबसे अधिक कारोबार होता है.
Also read: CT 2025 मोहम्मद शमी पर विवाद, मौलवियों ने बताया गुनाहगार
ट्रंप का नया कदम: ‘स्ट्रेटेजिक बिटकॉइन रिजर्व’ की स्थापना
अब बात ‘स्ट्रेटेजिक बिटकॉइन रिजर्व’ की. रिजर्व यानी किसी चीज को किसी खास उद्देश्य से भविष्य में इस्तेमाल के लिए सुरक्षित रखना. ट्रंप ने अपना आदेश पारित करके अमेरिकी सरकार के पास मौजूद सभी बिटकॉइन का एक रिजर्व बना दिया है. किसी भी स्टॉक का स्ट्रेटेजिक रिजर्व इस उद्देश्य से बनाते हैं कि जब कभी उस स्टॉक की सप्लाई में बहुत उतार-चढ़ाव हो तो उस रिजर्व से स्टॉक निकालकर उसे कंट्रोल किया जा सके.
साफ कहा गया है कि अमेरिकी सरकार इस स्ट्रैटेजिक बिटकॉइन रिजर्व में जमा बिटकॉइन को नहीं बेचेगी. इसे रिजर्व की गई संपत्तियों के भंडार के रूप में बनाए रखा जाएगा.
Also read: देवेंद्र फडणवीस ने एकनाथ शिंदे को फिर किया परेशान, अजय अशर को MITRA से हटाया!
व्हाइट हाउस के क्रिप्टो जार डेविड सैक्स के अनुसार, अनुमान है कि अमेरिकी सरकार के पास लगभग 200,000 बिटकॉइन हैं. कॉइनमार्केटकैप के अनुसार, अभी हर बिटकॉइन का मूल्य लगभग $87,000 है, जिससे अमेरिका के इस रिजर्व का अनुमानित मूल्य लगभग $17.5 बिलियन है. हालांकि सरकार के पास मौजूद बिटकॉइन की सटीक संख्या का पता लगाने के लिए कभी कोई ऑडिट नहीं हुआ है. ट्रंप ने जो कार्यकारी आदेश पारित किया है, उसमें ऐसा करने का निर्देश शामिल है.
ट्रंप सरकार ने साफ कहा है कि इन दोनों रिजर्व में केवल वही क्रिप्टोकरेंसी रखी जाएंगी, जो जब्ती में मिली हैं. यह रिजर्व अमेरिकी जनता के टैक्स के पैसे पर निर्भर नहीं होगी.


More Stories
L’Oréal Reacts to Aishwarya Rai Bachchan’s Missing Presence in Cannes Ad
N. Rangasamy ने पांचवीं बार ली पुडुचेरी मुख्यमंत्री पद की शपथ, फिर संभाली सत्ता की कमान
सोने में ₹11,000 की छलांग, चांदी ₹3 लाख के पार पहुंची