अमेरिका ने भारत और चीन सहित अपने कई बड़े व्यापारिक साझेदार देशों के खिलाफ नई व्यापार जांच शुरू कर दी है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि वह इन देशों की व्यापारिक नीतियों की समीक्षा करेगा। इस कदम से वैश्विक व्यापार में तनाव बढ़ने की संभावना है। जांच का उद्देश्य यह देखना है कि कहीं ये देश अमेरिका के साथ अनुचित व्यापारिक तरीके तो नहीं अपना रहे। यदि ऐसा पाया गया तो अमेरिका सख्त आर्थिक कदम उठा सकता है।
यह फैसला उस समय लिया गया जब हाल ही में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए कुछ टैरिफ को रद्द कर दिया था। अदालत ने पिछले साल लगाए गए कई शुल्कों को गैरकानूनी माना। इस फैसले के बाद अमेरिकी प्रशासन ने नए तरीके से व्यापारिक जांच शुरू करने का निर्णय लिया। सरकार अब कानूनी आधार पर नए शुल्क लगाने की तैयारी कर रही है। इससे प्रशासन को अपने व्यापारिक कदमों को दोबारा लागू करने का रास्ता मिल सकता है।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रिएर ने बताया कि सेक्शन 301 के तहत कई देशों की जांच की जाएगी। इस सूची में चीन, यूरोपीय संघ, भारत, जापान, दक्षिण कोरिया और मेक्सिको जैसे बड़े व्यापारिक साझेदार शामिल हैं। प्रशासन इन देशों पर अनुचित व्यापारिक व्यवहार के आरोपों की जांच करेगा। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो अमेरिका उनके खिलाफ आर्थिक कार्रवाई कर सकता है। इससे आयात होने वाले उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जा सकते हैं।
Also Read: गैस संकट गहराया: मुंबई के 20% होटल बंद होने की नौबत
अमेरिका की नई व्यापार जांच
अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यह जांच जुलाई से पहले पूरी की जा सकती है। प्रशासन चाहता है कि जांच पूरी होने के बाद गर्मियों तक नए टैरिफ लागू किए जाएं। अभी जो अस्थायी टैरिफ लगाए गए हैं, वे भी जुलाई में समाप्त होने वाले हैं। ऐसे में सरकार नए नियमों के तहत शुल्क बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इस प्रक्रिया से अमेरिका को आयातित सामान पर अतिरिक्त कर लगाने का अधिकार मिल सकता है।
इस जांच के दायरे में कई अन्य देश भी शामिल किए गए हैं। इनमें वियतनाम, थाईलैंड, मलेशिया, कंबोडिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया और बांग्लादेश जैसे देश शामिल हैं। इसके अलावा स्विट्ज़रलैंड और नॉर्वे की भी जांच की जा रही है। हालांकि अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार कनाडा इस सूची में शामिल नहीं है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम वैश्विक व्यापार नीति को प्रभावित कर सकता है।
Also Read: LPG संकट बढ़ा: मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाओं पर खतरे की आहट


More Stories
दिल्ली रेस्टोरेंट आग हादसा: 21 मौतें, कई दक्षिण अफ्रीकी नागरिक शामिल; VIDEO वायरल
Aamir Khan to Tie the Knot with Gauri Spratt; Close Friends Expected
नेपाल के पीएम बालन शाह के बयान से मचा सियासी बवाल